उत्तर प्रदेश के कई जिलों तीन-चार दिनों से लगातार बारिश जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ और दिन प्रदेश में ठीक-ठाक बारिश देखने को मिल सकती है. लगातार हो रही बारिश के चलते जालौन, हरदोई, हापुड़. नोएडा, इटावा कानपुर, बागपत, मेरठ, फर्रुखाबाद, बिजनौर, फिरोजाबाद, संभल, मुरादाबाद, एटा और कानपुर देहात में इंटरमीडिएट तक के स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं. कई शहरों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं.
बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले में रात भर हुई भारी बरसात से सभी खेत, खलिहान,पोखर और तालाब लबालब भर गए हैं. खेत तालाब की तरह नजर आने लगे हैं. बरसात से दर्जनों कच्चे मकान गिर गए. बिजली गिरने से खांडेह गांव में बना 12वीं सदी का प्राचीन शिव मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया है. बरसात का यह असर है कि रात से ही पूरे जिले की बिजली गुल है. 12 घंटे बीत जाने के बाद भी बिजली व्यवस्था बहाल नही हो पाई है. तापमान में गिरावट आने की वजह से लोगों को आज सुबह से ही हल्की सर्दी का अहसास होने लगा है.
अलीगढ़ मे बारिश ने पिछले 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. रविवार को हुई तेज बारिश ने पूरे अलीगढ़ को जलमग्न कर दिया. पॉश कॉलोनी में भी पानी भर गया है. खाली मैदान, नाले, सड़कें सारे भरे हुए दिखाई दे रहे हैं. हालत यह रही कि एएमयू के मेडिकल कॉलेज के वार्ड तक में पानी भर गया. इसके चलते मरीजों को पहली मंजिल पर शिफ्ट करना पड़ा. भारी बरसात के चलते किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है. धान की फसल पूरी तरह से डूब गई है. वहीं प्रशासन ने मौसम को देखते हुए 11 अक्टूबर तक छुट्टी का ऐलान कर दिया है.
मेरठ में लगातार पिछले 48 घंटे से बारिश हो रही है. लगातार बारिश होने से मेरठ के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. मेरठ के कई इलाके ऐसे हैं जहां जलभराव की स्थिति बनी हुई है. मेरठ के लिसाड़ी गेट ,जाकिर कॉलोनी, इस्लामाबाद, माधवपुरम मलियाना, गढ़ रोड डूबे नजर आ रहे हैं. आलम यह है कि रविवार को जलभराव के चलते एक कार को पीछे करते समय कार नाले में गिर गई. स्थानीय लोगों ने कार चला रहे युवक को नाले से बाहर निकाला.
मथुरा जिले में पिछले 2 दिनों से हो रही बारिश से आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.लगातार हो रही बारिश के चलते मथुरा के नए बस स्टैंड और रेलवे पुल के नीचे पानी भरा हुआ है. लोगों को रेलवे कॉलोनी पार करने में बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है,
संभल में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से लोगों का घरों से बाहर निकलना बंद हो गया है. बारिश के कारण चन्दौसी कोतवाली, फुब्बारा चौक, संभल गेट, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड पर जाने वाले मार्गों पर घुटने तक जलभराव की स्थति बनी हुई है. इतना ही नहीं, तीन दिन की बारिश और जलभराव के चलते पटरी किनारे लगने वाले ठेले ,खोमचे ,कपड़े, सब्जी जैसे छोटे छोटे काम करने वालों का रोजगार भी बारिश के चलते बर्बाद हो गया.
यूपी के बलरामपुर में बारिश और बाढ़ ने भीषण तबाही मचा रखी है. जिले में भीषण जल प्रलय से मचा हाहाकार हुआ है. राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.44 मीटर ऊपर पहुंच चुका है. शहर के अधिकांश मोहल्ले बाढ़ की पानी मे डूबे हुए है. शहर की सुरक्षा के लिए बनाए गए एमएलटीडी बांध में रिसाव शुरू हो गया है. भीषण बाढ़ को देख जिला प्रशासन के हाथ पांव फूले हुए है. शहर के सभी मुख्य स्थानों पर बाढ़ का पानी घुस गया है. ग्रामीण क्षेत्रों की हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं. जिले के लगभग 350 गांव में जलमग्न हैं. जिला मुख्यालय तक आने वाले सभी मार्ग बंद हो गए हैं. ब्लॉक व तहसील मुख्यालय जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है.
पहाड़ों तराई क्षेत्रों और लखीमपुर खीरी जिले में भी लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते खेत खलिहान में लाखों हेक्टेयर में लगी धान और गन्ने की खड़ी फसल बर्बाद हो रही है. वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी इलाकों दोनों जगह जलभराव की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. शहर में नाले-नालियों पर अतिक्रमण के चलते बरसात का पानी सही से निकल नहीं पा रहा है.
(हमीरपुर से नाहिद अंसार, अलीगढ़ से शिवम सारस्वत, मेरठ से उस्मान चौधरी, मथुरा से मदन गोपाल शर्मा, संभल से अनूप, बलरामपुर से सुजीत शर्मा, लखीमपुर से अभिषेक वर्मा के इनपुट के साथ)