बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राइमरी स्कूलों में पहली बार भाषा शिक्षकों की भर्ती की तैयारी है. टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) पास बीएड डिग्री धारकों को भाषा शिक्षक बनाया जाएगा. इसके लिए रिक्तियों का ब्यौरा तैयार करा लिया गया है और करीब 21 हजार भाषा शिक्षकों की भर्ती की जाएगी.
यह भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) पर फैसला आने के बाद शुरू करने पर विचार किया जा रहा है. सूबे के परिषदीय स्कूलों में 2,91,906 शिक्षकों की कमी है. इसमें प्राइमरी स्कूलों में 2,36,398 तथा उच्च प्राइमरी में 55,508 शिक्षकों की कमी है. प्रदेश में पिछले दो साल से शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती के प्रयास चल रहे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है.
पहले प्राइमरी स्कूलों में 72,825 और फिर उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित व विज्ञान के 29,334 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया फंस गई. इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि सुप्रीम कोर्ट से जैसे ही एसएलपी पर फैसला आए, प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में रिक्ति पदों पर भर्तियां कर ली जाएं. इसमें उच्च प्राइमरी स्कूलों में भाषा शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया भी शामिल होगी.
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने उच्च प्राथमिक स्कूलों में भाषा शिक्षक रखने का प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है. इसके मुताबिक प्रदेश में 76,782 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं. इनमें करीब 21 हजार भाषा शिक्षक रखे जाएंगे. प्रदेश में वर्ष 2013 में आयोजित टीईटी में उच्च प्राथमिक स्तर की भाषा शिक्षा की परीक्षा में 42,430 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे. इसके आधार पर ही भाषा शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. इसके लिए 21 से 40 वर्ष की आयु के टीईटी पास बीएड वाले पात्र होंगे. इन्हें शिक्षक पद पर भर्ती के बाद छह माह का विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण दिया जाएगा.