सपा सरकार के प्रति मुसलमानों की बढ़ती नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुस्लिम स्टूडेंट्स का सहारा लिया है. 11 मार्च को सरकार की तरफ से लखनऊ में बांटे जाने वाले 10,000 मुफ्त लैपटॉप के दावेदारों में सबसे ज्यादा संख्या मुस्लिम स्टूडेंट्स की है.
सरकार ने जो सूची जारी की है, उसके मुताबिक सबसे ज्यादा शिया पीजी कॉलेज, लखनऊ के 3192 स्टूडेंट्स और उसके बाद करामत गर्ल्स डिग्री कॉलेज की 1569 छात्राओं को मुफ्त लैपटॉप दिया जाएगा. इस प्रकार पहले दो मुस्लिम संस्थान से कुल 4761 स्टूडेंट्स को लैपटॉप दिया जाएगा, जिनमें मुस्लिम स्टूडेंट्स की संख्चा 4000 के करीब है.
यही नहीं, सरकार की लैपटॉप वितरण योजना के पहले 10 हजार लाभार्थियों में मायावती सरकार में बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्र की मां के नाम से स्थापित शकुंतला देवी विकलांग विश्वविद्यालय के 26, किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के 31 और इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के 106 स्टूडेंट्स को भी जगह दी गई है.
लखनऊ के कॉल्विन ताल्लुकेदार्स कॉलेज मैदान में होने वाले लैपटॉप वितरण समारोह में 10 हजार इंस्टीट्यूट की उपस्थिति को लेकर प्रशासन असमंजस में है. लखनऊ के जिन 15 संस्थानों के स्टूडेंट्स का लैपटॉप वितरण के लिए चयन किया गया है, उनमें से एक-तिहाई संस्थानों में परीक्षाएं भी सोमवार से शुरू हो रही हैं. ऐसे में लैपटॉप वितरण समारोह में मौजूद स्टूडेंट्स की संख्या 6 से 7 हजार के बीच होने की संभावना है.
जिला प्रशासन के एक अधिकारी बताते हैं कि 11 मार्च को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव केवल 50 स्टूडेंट्स को अपने हाथों से लैपटॉप बांटेंगे. बाकी को मंत्रियों और अधिकारियों द्वारा बंटवाया जाएगा.