
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश की आजादी के समय बनी एक जर्जर बिल्डिंग गिर गई, जिसमें दबने से एक शख्स की मौत हो गई वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया. 70 साल पुरानी इस इमारत के गिरने के बाद एक घंटे से ज्यादा बचाव कार्य चला. मिली जानकारी के मुताबिक, SDRF की बचाव टीम 1 घंटा 20 मिनट के बाद घायलों को मलबे से निकाल सकी, जिसमें एक की हालत गंभीर है जबकि एक की मौत हो गई है.
जर्जर हालत वाली यह दो मंजिला इमारत लखनऊ के थाना वजीरगंज स्थित रिवर बैंक कॉलोनी में स्थित थी, जो कि अचानक ढह गई. 1952 की इस इमारत में ज्ञान त्रिवेदी और उनका भतीजा गौरव त्रिवेदी रहते थे जो कि रायबरेली के रहने वाले हैं. बुधवार को बारिश के वक्त अचानक यह बिल्डिंग गिर गई. उस वक्त ज्ञान और उनका भतीजा अंदर ही थे.
इलाज के दौरान भतीजे की मौत
गंभीर हालत में दोनों को मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया. यहां इलाज के दौरान गौरव त्रिवेदी की मौत हो गई जबकि चाचा ज्ञान त्रिवेदी सीरियस हालत में अस्पताल में भर्ती हैं.
एसडीआरएफ के कमांडेंट डॉक्टर सतीश कुमार ने बताया कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मुश्किल था. जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि बिल्डिंग काफी जर्जर थी, SDRF के समय पर पहुंचने की वजह से दोनों को बाहर निकाला जा सका था.