एक दलित लड़की को कथित तौर पर स्कूल में इसलिए दाखिला नहीं दिया गया, क्योंकि वह सामूहिक बलात्कार पीड़िता थी. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मसले पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
आयोग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, 'उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को एक नोटिस जारी कर बिजनौर जिले के एक गांव के स्कूल में एक दलित लड़की को दाखिला न दिए जाने के आरोप पर चार हफ्तों में रिपोर्ट देने को कहा गया है.'
समाचारपत्रों में आई खबरों के अनुसार, 14 वर्षीय दलित लड़की से सामूहिकबलात्कार करने के आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाया था और उसे वितरित किया था. खबरों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने यह कहकर लड़की को दाखिला देने से इनकार कर दिया था कि अन्य अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि उस लड़की को दाखिला दिया गया तो वे अपने बच्चों को स्कूल से हटा लेंगे.