कानून-व्यवस्था पर घिरी सूबे की सरकार ने मनबढ़ थानेदारों पर अंकुश लगाने की पहल शुरू कर दी है. इसके तहत सभी थानों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा मुहैया कराई जाएगी. इस योजना के मूर्तरूप लेने से उच्चाधिकारी थानों पर सीधी नजर रख सकेंगे और कानून-व्यवस्था के मामले में प्रभावी नियंत्रण भी लगा सकेंगे.
कानून-व्यवस्था के मामलों में लगातार यह बात सामने आती रही है कि निचले स्तर पर समय से सही कार्रवाई नहीं हो सकी. जब तक अधिकारियों ने पहल की तब तक हालात बिगड़ चुके थे. ऐसे में स्थिति पर उतना प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका, जितना कि होना चाहिए. इससे निपटने के लिए अब जो योजना बनाई गई है उसके तहत थाने व थानेदारों पर दोतरफा अंकुश लगाया जा रहा है.
पहला, हर थाने पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा, जो संबंधित जिले के पुलिस नियंत्रण कक्ष से जुड़ा होगा. इससे पुलिस नियंत्रण कक्ष से थानों पर होने वाली गतिविधि को कभी भी देखा जा सकेगा.
दूसरा, सभी थानों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा मुहैया कराई जाएगी. जहां बिजली की समस्या होगी, वहां जनरेटर या इनवर्टर की व्यवस्था की जाएगी.
पुलिस मुख्यालय थानों के आधुनिकीकरण पर आने वाले व्यय का आकलन करने में जुट गया है. इस काम के लिए फिलहाल सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की जा चुकी है.
अधिकारियों का कहना है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा होने के बाद सूबे के किसी भी थाने से मुख्यमंत्री से लेकर गृह और पुलिस के आला अफसर सीधा संवाद कर सकेंगे. किसी बड़ी घटना पर भी सरकार अपडेट रह सकेगी.