उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बदायूं बलात्कार-हत्याकांड मामले में हर संभव कार्रवाई का दावा किया. इसके साथ ही अखिलेश ने मीडिया पर इस यूपी की घटनाओं को ज्यादा उछालने और अन्य राज्यों की वारदात की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद कहा, 'बदायूं की घटना या प्रदेश में कोई घटना अगर हुई है तो हमने कड़ी कार्रवाई की है. बदायूं में हम जो-जो कदम उठा सकते थे, उठाए. सीबीआई की जांच होगी. प्रदेश में कहीं भी कोई घटना हुई तो उसमें कार्रवाई की गई है. मैंने कई बार कहा कि घटना का प्रचार होता है. ऐसी घटनाएं सिर्फ उत्तर प्रदेश में नहीं होती.'
उन्होंने कहा, 'बेंगलुरु में घटना हुई क्या वह चैनलों पर दिखी? मध्य प्रदेश में लगातार घटना हो रही है. वहां के बड़े मंत्री के परिवार की सदस्य की चेन उनके घर के पास ही खींच ली गई. राजस्थान की हालत आपके सामने है. सिर्फ उत्तर प्रदेश ही जानबूझकर दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा, 'बिजली के क्षेत्र में सरकार ने लगातार कदम उठाए हैं. तहसील स्तर पर फीडर बनाए, लेकिन केन्द्र से जो कोटा मिलना चाहिए, वह नहीं मिला. चुनाव में जनता को कहीं न कहीं लगा कि उसे हम जो बिजली और बेरोजगारी भत्ता दे रहे थे, वह इससे भी बेहतर मिलेगा.'
अखिलेश ने बीजेपी पर पलटवार करते कहा, 'जब इतनी बड़ी जीत हुई है, प्रधानमंत्री भी यहां के हैं तो कम से कम एक साल के लिये उत्तर प्रदेश को उधार बिजली दे दो. हम 2016 में वापस कर देंगे. हमने बिजली के लिये बहुत से एमओयू (समझौते) किये हैं ताकि कारखाने लग जाएं और बिजली संकट खत्म हो.'
केन्द्र से मदद मांगे जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम केवल वही मांगेंगे जो उत्तर प्रदेश को मिलना चाहिए. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की जिम्मेदारी वाली गोरखपुर से वाराणसी की सड़क, कानपुर से हमीरपुर तक बनने वाली सड़क पर अभी तक काम नहीं हुआ.' उन्होंने सपा की पराजय की समीक्षा के लिए कल विभिन्न जिला मुख्यालयों पर हुई बैठकों में से कुछ में मारपीट की घटनाओं पर कार्रवाई सम्बन्धी सवाल पर कहा, 'बहुत ज्यादा नहीं हुई, जहां घटना हुई उसकी जानकारी कर लेंगे.'