उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डीजल की कीमत में की गई बढो़तरी के लिए केन्द्र में सत्तारूढ नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को आने वाले दिनों में ऐसी बहुत-सी चीजें देखनी पडेंगी.
अखिलेश यादव ने चंदौली में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और दिवंगत पूर्व विधायक गंजी प्रसाद की प्रतिमा अनावरण के मौके पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘डीजल की कीमत बढा़ दी गई है और आने वाले दिनों में लोगों को ऐसी बहुत चीजें देखनी पडेंगी.’
मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिली करारी हार से हताश कार्यकर्ताओं का मनोबल बढा़ने की नीयत से कहा कि हार से हिम्मत हारने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पार्टी ने हमेशा धर्मनिरपेक्षता की राह पर चलकर सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष किया है और आगे भी करेगी.
अखिलेश ने कहा, ‘हम चुनाव भले ही हार गए हों, पर हम अपनी राजनीतिक विचार धारा को छोडने वाले नहीं है. कामयाबी के लिए सांप्रदायिकता का रास्ता पकडना आसान है. मगर धर्मनिरपेक्षता के रास्ते पर चलना कठिन है. हमने धर्मनिरपेक्षता का रास्ता चुना है. हमारी पार्टी जनतात्रिक मूल्यों में भरोसा करती है और लोगों का सम्मान करती है.’
अखिलेश ने दावा किया, ‘इस कठिन लडाई में लोकसभा के बीते चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसके पहले हुए चुनाव के मुकाबले ज्यादा वोट मिले हैं. इस चुनाव में भी लोगों ने सपा को समर्थन दिया है.’
मुख्यमंत्री ने मोदी सरकार से लगभग डेढ़ साल के लिए बिजली और कोयला उधार देने की मांग करते हुए कहा कि साल 2016 तक उत्तर प्रदेश केन्द्र सरकार को सारा उधार ब्याज सहित चुका देगा और जरूरी हुआ तो हम उन्हें उससे भी ज्यादा वापस कर देंगे. उन्होंने मोदी सरकार के मंत्रियों पर तंज करते हुए कहा कि अब ‘ट्वीट’ का नया चलन शुरू हो गया है. हर मंत्री बिजली के मामले में अपनी सफाई देने के लिए ‘ट्वीट’ कर रहा है. लोगों से यह पूछते हुए कि क्या कोई ‘ट्वीट’ का मतलब जानता है, अखिलेश ने मौके पर मौजूद जिलाधिकारी से कहा, ‘डीएम साहब, कृपया लोगों को ट्वीट का अर्थ समझाएं.’