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AMU में थाली बजाकर छात्रों ने सीएए-एनआरसी के खिलाफ की नारेबाजी

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी रविवार को कुछ छात्र थाली बजाते नजर आए. हालांकि इस दौरान वो नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में नारेबाजी करते भी नजर आए.

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थाली बजाकर सीएए का विरोध (फोटो- पीटीआई)
थाली बजाकर सीएए का विरोध (फोटो- पीटीआई)

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  • AMU छात्रों ने बजाई थाली-ताली
  • सीएए के खिलाफ की नारेबाजी

'जनता कर्फ्यू' के बाद शाम में पांच बजे पूरे देश में लोगों ने थाली और ताली बजाकर स्वास्थ्यकर्मियों समेत उन लोगों का शुक्रिया अदा किया जो इस मुश्किल हालात में भी जनसेवा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 मार्च को सभी देशवासियों से 'जनता कर्फ्यू' के लिए जनसमर्थन की अपील की थी. उनकी अपील का असर दिखा और रविवार को पूरे दिन लोग अपने घरों में रहे. जैसा कि पीएम मोदी ने कहा था कि सुबह सात बजे से रात के नौ बजे तक सभी लोग अपने घरों में रहेंगे. वहीं शाम पांच बजे पीएम मोदी की अपील पर लोग अपनी-अपनी बालकनी में खड़े होकर घंटी, थाली और ताली बजाते नजर आए.

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी रविवार को कुछ छात्र थाली बजाते नजर आए. हालांकि इस दौरान वो नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में नारेबाजी करते भी नजर आए. इस संबंध में एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें शख्स थाली बजाते हुए सीएए और एनआरसी के विरोध में नारे लगाता नजर आ रहा है. थाली बजाने वाले छात्रों ने आजतक से बात करते हुए कहा कि हमनें सीएए और एनआरसी के विरोध में नारा लगाया. जिस प्रकार कोरोना वायरस पूरे देश के लिए खतरनाक है, उसी प्रकार सीएए और एनआरसी हमारे लिए खतरनाक है.

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छात्र ने कहा कि अगर पीएम मोदी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं तो सीएए और एनआरसी के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठा रहे. कोरोना को आए हुए तो अभी दो हफ्ते ही हुए हैं, मगर सीएए, एनआरसी और एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) के खिलाफ हमलोग 100 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी या बीजेपी सरकार के कान पर जू तक नहीं रेंगी. इसलिए हमने पीएम मोदी के बताए रास्ते पर चलते हुए छत पर खड़े होकर थाली बजाई और सीएए-एनआरसी के खिलाफ नारेबाजी की.

'जनता कर्फ्यू कोरोना वायरस के खिलाफ लंबी लड़ाई की शुरुआत'

पीएम मोदी ने रविवार को 14 घंटे के ‘जनता कर्फ्यू’ को कोरोना वायरस के खिलाफ लंबी लड़ाई की शुरुआत बताया और कहा कि देशवासियों ने साबित किया है कि एकजुट होकर वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आज जनता कर्फ्यू रात नौ बजे खत्म हो सकता है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम जश्न मनाएं.’’ उन्होंने कहा कि खुद से लगाए गए कर्फ्यू को ‘‘सफलता नहीं माना जाना चाहिए’’ क्योंकि यह ‘‘लंबी लड़ाई की शुरुआत है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘जनता कर्फ्यू लंबी लड़ाई की शुरुआत है. आज देशवासियों ने कहा है कि हम सक्षम हैं और एक बार जब हम निर्णय कर लेते हैं तो हम किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकते हैं.’’

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मोदी ने जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिये देशवासियों का शुक्रिया अदा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ये धन्यवाद का नाद है, लेकिन साथ ही एक लंबी लड़ाई में विजय की शुरुआत का भी नाद है. इसी संकल्प के साथ, इसी संयम के साथ एक लंबी लड़ाई के लिए अपने आप को बंधनों (सोशल डिस्टेंसिंग) में बांध लें.’’

और पढ़ें-WHO का बयान- कोरोना वायरस से निपटने के लिए सिर्फ लॉकडाउन काफी नहीं

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, ‘‘केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी किए जा रहे निर्देशों का जरूर पालन करें. जिन जिलों और राज्यों में लॉकडाउन की घोषणा हुई है, वहां घरों से बिल्कुल बाहर न निकलें. इसके अलावा जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक घरों से बाहर न निकलें.’’

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