देश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह हर खांचे में फिट बैठने का हुनर रखते हैं. लखनऊ में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अमर सिंह का नाम लेते हुए उद्योगपतियों और राजनेताओं की सांठ-गांठ का जिक्र किया तो एक बार फिर राजनीति की मुख्य धारा में अमर सिंह प्रासंगिक हो गए.
शायद यही वजह है कि अब अमर सिंह के बीजेपी में शामिल होने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान बीजेपी में शामिल होने के सवाल का जवाब अमर सिंह नें अपने ही अंदाज में दिया. अमर सिंह कहना है कि 'मैं (भाजपा में शामिल होने के लिए) कोई प्रयास नहीं कर रहा हूं. मैं मोदी जी को पसंद करता हूं और उनके समर्थन में खड़ा हूं. मैं अमर सिंह हूं और मेरे नाम की जो भी हैसियत है, वह योगी और मोदी के लिए है न कि बुआ (बसपा सुप्रीमो मायावती) और बबुआ (सपा मुखिया अखिलेश यादव) के लिए'.
हालांकि अमर सिंह ने अभी भाजपा में शामिल होने को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन सिंह ने संकेत तो दे ही दिया है कि राजनीति के इस एपिसोड में उनकी भूमिका और झुकाव किस खेमे की तरफ है.
लखनऊ में पीएम मोदी के कार्यक्रम के बाद एक बार फिर से चर्चा में आए अमर सिंह को यूपी में भाजपा के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ से पार्टी से चुनाव लड़ने का न्योता भी दे दिया. इस प्रस्ताव पर जवाब देते हुए अमर सिंह का कहना है कि उनकी राजभर से इस संबंध में कोई बात नहीं हुई. राज्यसभा में उनका चार वर्ष कार्यकाल अभी भी शेष है. लिहाजा वे किसी एक क्षेत्र से संलग्न नहीं होकर पूरे उत्तर प्रदेश का भ्रमण करना चाहता हैं और अगर संभव हो तो पूरे देश का.बता दे कि पूर्व सपा नेता अमर सिंह 23 जुलाई को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे. जिसके बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें लगायी जाने लगी थीं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि अमर सिंह ने हाल ही में कहा था, ‘भाजपा बड़ी राजनीतिक पार्टी है. मैं यह नहीं कहूंगा कि मौका मिलने पर मैं भाजपा में शामिल नहीं होऊंगा लेकिन मुझे मौका कौन दे रहा है. मैंने कोई आग्रह भी नहीं किया है.'