यूपी की बांदा जेल में बंद बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की बाराबंकी एम्बुलेंस मामले में वर्चुअल सुनवाई सीजेएम राकेश कुमार के सामने हुई. बाहुबली मुख्तार अंसारी ने एम्बुलेंस कांड की कहानी में नया मोड़ लाते हुए अपने प्रतिद्वंदी पूर्वांचल के माफिया बृजेश सिंह (Brijesh Singh) को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) का सहयोगी बताया और ब्रजेश सिंह द्वारा किए गए मर्डर केस के गवाहों पर दबाव बनाने के लिए एम्बुलेंस मामले में फर्जी नाम शामिल करने का आरोप लगाया है.
मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के दौरान मुख्तार ने अदालत से कहा कि हुजूर आपके अधिकार बहुत हैं. जेल मैन्युअल के तहत मैंने बैरक में टीवी लगवाने की आपसे विनती की थी. जिसका आदेश आपने अभी तक नहीं दिया है. दो लाइन लिखकर दे दीजिए. जिससे टीवी हमारे बैरक मे लग जाए. अधिवक्ता रणधीर के मुताबिक सीजेएम राकेश कुमार ने मुख्तार अंसारी से कहा कि एम्बुलेंस मामले में दर्ज मुकदमे में आरोप पत्र दाखिल हो गया है. अब इसकी सुनवाई विशेष अदालत में होगी. इस मुकदमे में 6 नए नाम ओर बढ़ाये गए है इनकी विवेचना चल रही है. इस मुकदमे की अगली तारीख 2 अगस्त होगी.
अधिवक्ता रणधीर ने आगे बताया कि इस पर मुख्तार अंसारी ने अदालत से कहा कि पुलिस इस केस में रोज़ नए-नए नाम फर्जी शामिल कर रहे हैं. बढ़ाए गए नामों में सुरेंद्र शर्मा,अफरोज समेत जो लोग शामिल किए गए हैं. ये सभी दाऊद इब्राहिम के साथी बृजेश सिंह द्वारा की गई हत्या में गवाह हैं.
इन लोगो के ऊपर कई बार हमला भी हों चुका है. घायल भी हुए हैं इसलिए दबाव बनाने के लिए इनको इस केस में मुलजिम बनाया गया है. उच्च न्यायालय ने सुरक्षा के लिए गनर भी दिया था, लेकिन वह भी छीन लिया गया. मुख्तार ने ये भी बताया कि इन गवाहों को ब्रजेश सिंह के खिलाफ गवाही न देने के लिए एक- एक करोड़ भी दिए जा रहे थे. मुख्तार ने अदालत से यह भी अनुरोध किया कि जिन लोगो के एम्बुलेंस केस में नाम बढ़ाये गए उन्हें आत्मसमर्पण में लेने का कष्ट करें.
बता दे कि पंजाब जेल से बाहुबली मुख्तार अंसारी को लाने-ले जाने के लिए जिस एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसका पंजीकरण बाराबंकी संभागीय परिवहन विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किया गया था. इस मामले में एआरटीओ पंकज सिंह की तहरीर पर नगर कोतवाली में मऊ की श्याम संजीविनी अस्पताल की डॉ अलका राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया था. विवेचना के दौरान मुख्तार अंसारी समेत दर्जन भर लोगो के नाम इस केस में शामिल किए जा चुके है. और इसी केस में पुलिस द्वारा 7 लोगो के खिलाफ चार्ज शीट भी न्यायालय में दाखिल की जा चुकी है. अधिवक्ता विजय सिंह और पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि अब इस केस में अगली सुनवाई 2 अगस्त को होगी.