अयोध्या में भारत रत्न लता मंगेशकर के नाम पर चौक का लोकार्पण कर दिया गया है. इस मौके पर पीएम मोदी का वीडियो संदेश भी लोगों को सुनाया गया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या में जिस जगह पर लता चौक विकसित किया गया है वह सांस्कृतिक महत्व के विभिन्न स्थानों को जोड़ने वाले प्रमुख स्थानों में से एक है. यहां से राम की पैड़ी और सरयू तट दोनों ही निकट हैं. लता दीदी को समर्पित इससे बेहतर जगह और क्या होती.
पीएम मोदी ने कहा कि भगवान राम से पहले उनके भक्त पहुंचते हैं. इसीलिए राम मंदिर के भव्य निर्माण से पहले उनकी भक्त लता दीदी का चौक भी पहले ही बन गया है. प्रभु राम सभ्यता के प्रतीक पुरुष हैं. नैतिकता, मूल्य और कर्तव्यों के आदर्श हैं. भगवान राम देश के कण-कण में हैं. हमें अपनी विरासत पर गर्व है. अयोध्या में मंदिर का निर्माण विकास का नया अध्याय है.
लता दीदी के भजनों ने अंतर्मन में राम को बनाए रखा: PM
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह अयोध्या ने हमारे अंदर राम को बनाए रखा है, ठीक उसी तरह लता दीदी के भजनों ने हमारे अंतर्मन में राम को बनाए रखा है. लता दीदी सरस्वती की साधिका थीं. राम मंदिर निर्माण पर वो बहुत खुश थीं. इसके साथ ही पीएम ने कहा कि संगीत में ये प्रभाव शब्दों और स्वरों से नहीं आता है. भजन वाले में भक्ति हो भावना होनी चाहिए. राम के लिए समर्पण होना चाहिए. इसीलिए लता दीदी द्वारा उच्चारित भजनों में केवल कंठ नहीं पवित्रता, आध्यात्मिकता भी गूंजती है.
कर्तव्यबोध कराएगा लता चौक: PM
पीएम ने कहा कि वंदे मातरम का आव्हान सुनकर भारत माता का विराट स्वरूप नजर आने लगता है. वो नागरिक कर्तव्यों को लेकर सजग रही हैं. पीएम ने कहा कि लता दीदी के नाम पर बना ये चौक अयोध्या में रहने वाले और आने वाले लोगों को कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देगा. अयोध्या के विकास और प्रेरणा को भी और अधिक गुंजायमान करेगा. ये चौक हमारे देश में कला जगत से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत की तरह काम करेगा. उन्हें बताएगा कि भारत की कला और संस्कृति को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचना हमारा कर्तव्य है. इसके साथ ही पीएम मोदी ने अयोध्यावासियों से स्वच्छता को लेकर उनकी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को लेकर भी सजग किया.