scorecardresearch
 

अयोध्या: जमीन खरीद में अब तक सामने आए ये विवाद, जानें- कब, क्या हुआ

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास क्षेत्र की ओर से की गई चार जमीन खरीद विवादों में है. विपक्ष के साथ कई साधु-संत घोटाले का आरोप लगा रहे हैं. आइए जानते हैं इन चारों जमीन खरीद सौदों के बारे में-

Advertisement
X
अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर
अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विवादों में ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई 4 जमीन
  • विपक्ष लगा रहा है घोटाले का आरोप

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास क्षेत्र की ओर से की गई चार जमीन खरीद विवादों में है. विपक्ष के साथ कई साधु-संत घोटाले का आरोप लगा रहे हैं, जबकि राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों का कहना है कि जमीनों की खरीद में कोई घोटाला नहीं हुआ. यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाला है, ऐसे में यह जमीन खरीद चुनावी मुद्दा भी बन सकता है.

Advertisement

आज हम बात करेंगे इन चारों जमीन खरीद के बारे में. खास बात है कि इन चारों जमीनों को राम मंदिर ट्रस्ट ने अपनी भविष्य की योजनाओं के लिए खरीदा है, यानी मौजूदा समय में जिस स्थान पर राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, उससे इन जमीनों का कोई वास्ता नहीं है. आइए जानते हैं कि चारों जमीन की खरीद पर क्या विवाद है-

2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ में खरीदने का विवाद
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जमीन खरीद पर विवाद 2 करोड़ की जमीन चंद मिनट में 18.5 करोड़ में खरीदने से शुरू हुआ था. अयोध्या रेलवे स्टेशन के पास करीब 12 हजार स्क्वायर मीटर की ये जमीन राम मंदिर ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ में खरीदी थी. खास बात है कि जिस सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी से यह जमीन खरीदी गई थी, उन्होंने 10 मिनट पहले ही इस जमीन को हरीश पाठक और कुसुम पाठक से महज 2 करोड़ में खरीदी थी.

Advertisement

इस डील की एक और खास बात थी कि दोनों जमीन सौदे में गवाह अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा थे. समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी ने इस जमीन खरीद के मसले को जोरशोर से उठाया था. इसके बाद ट्रस्ट ने दलील दी कि राम मंदिर पर फैसले के बाद अयोध्या में जमीन के भाव बढ़ गए और यह डील 25 करोड़ की थी, लेकिन ट्रस्ट ने महज 18.5 करोड़ में जमीन खरीदी है. 

इस जमीन का एरिया 10 हजार स्क्वायर मीटर से अधिक था और इसे महज 8 करोड़ में खरीदा गया था. यानी 12 हजार स्क्वायर मीटर की जमीन 18.5 करोड़ और 10 हजार स्क्वायर मीटर की जमीन केवल 8 करोड़ में खरीदी गई. खास बात है कि इस डील में भी गवाह अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा थे.

20 लाख की जमीन 2.5 करोड़ में ट्रस्ट को बेची गई
इन दोनों जमीन सौदों के बीच एक और खुलासा हुआ. मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के भतीजे दीप नारायण उपाध्याय ने 20 फरवरी 2021 को अयोध्या के महंत देवेंद्र प्रसाद आचार्य से 135 से 890 वर्ग मीटर की जमीन 20 लाख रुपए में खरीदी थी. 3 महीने बाद 11 मई 2021 को दीप नारायण ने इसी जमीन को राम मंदिर ट्रस्ट को 2.5 करोड़ रुपए में बेच दिया. 

Advertisement

हालांकि, 890 वर्ग मीटर की जो जमीन 2.5 करोड़ में बेची गई है, वो महंत देवेंद्र प्रसाद आचार्य से खरीदी गई थी. ये जमीन नजूल की यानी सरकारी थी. इस पर महंत का कब्जा था. हालांकि जमीन को बेचने से पहले फ्री होल्ड किया गया था या नहीं, ये अभी साफ नहीं है. इस मामले की जांच अयोध्या के डीएम कर रहे हैं.

1 करोड़ में बेची गई 27 लाख की जमाीन
इतना ही नहीं मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के भतीजे ने 676.86 वर्ग मीटर की एक और जमीन 27 लाख में खरीदी और इसे 1 करोड़ में ट्रस्ट को बेच दी. चारों जमीन खरीद में विपक्ष के निशाने पर राम मंदिर ट्रस्ट के साथ मेयर ऋषिकेश उपाध्याय हैं. जिन चारों जमीन खरीद पर बवाल है, उनमें ऋषिकेश उपाध्याय का नाम कहीं बतौर गवाह तो कहीं बतौर रिश्तेदार सामने आया है.

अभी तक हुई कोई कार्रवाई?
विपक्ष इन सभी जमीन सौदों की जांच कराने की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक केंद्र या राज्य सरकार की ओर से कोई जांच कमेटी का गठन नहीं किया गया है. हालांकि, एक मामले की जांच डीएम कर रहे हैं, लेकिन बाकी मामलों की जांच को लेकर विपक्ष की मांग फिलहाल अनसुनी कर दी गई है.

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement