भारी बारिश का कहर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिल रहा है. अयोध्या इससे अछूता नहीं है. भारी बारिश का असर अयोध्या के राम मंदिर पर भी पड़ा है, जिसकी वजह से मंदिर का काम यानी कि निर्माण की गति धीमी हो गई है. निर्माणाधीन स्थल के पश्चिम में भारी बारिश से उत्पन्न कीचड़ में कार्यरत दो-दो मशीनें अटक गयी हैं.
बताया जा रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर स्थल पर क्रेन टावर से पत्थरों को उठाकर यथास्थान रखने में भी कठिनाई हो रही है. फिलहाल अवरोधों के बीच धीमे ही सही निर्माण कार्य जारी है. हालांकि मंदिर के निर्माण की भविष्य योजना रूपरेखा तैयार करने के लिए मंदिर समिति 15 अक्टूबर को समीक्षा बैठक भी करेगी.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के मुताबिक, प्लिंथ लेवल के बाद बंसी पहाड़पुर के लाल बलुआ नक्काशी दार पत्थरों के 7 लेयर रखे जा चुके हैं, जिसके कारण मंदिर की ऊंचाई 30 फीट हो गई है और प्लिंथ की डेढ़ मीटर मोटी लेयर पूरे परधी में तैयार की गई है, जिसको दर्शनार्थियों के द्वारा परिक्रमा पथ के रूप में प्रयोग किया जाएगा.
इसके साथ साथ में मंदिर के निर्माण में गर्भ ग्रह में मकराना के स्वेत मार्बल के स्तंभ लगाने की भी प्रक्रिया शुरू की गई है. राम मंदिर में 392 स्तंभ लगाए जाने हैं जिन पर 16- 16 मूर्तियां उकेरी जाएंगी. प्रत्येक खंबे की ऊंचाई 9 फीट 11 इंच है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के मुताबिक, मंदिर के गर्भ गृह के 7 गुण मंडप रंग मंडप व नृत्य मंडप वाशिंग द्वार के रूप में अलग-अलग भाग भी हैं, जिनकी पूरी लंबाई 380 फिट है और सभी का निर्माण एक साथ किया जा रहा है.