बता दें कि यूपी पुलिस ने शुक्रवार को आजम खान की बड़ी बहन और रिटायर प्रिंसिपल निखत अफलाक को उनके घर से ले गई थी. रामपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल शर्मा ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी में किसानों की जमीन कब्जे के मामले की जांच करते हुए मालूम चला कि जौहर यूनिवर्सिटी को जौहर ट्रस्ट द्वारा 33 साल के पट्टे पर जमीन दी गई है इसी संबंध में जौहर ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष से पूछताछ की जा रही है.
बता दें कि आजम खान की बहन निखत अफलाक जौहर ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष हैं. एसपी रामपुर अजय पाल शर्मा ने यह भी साफ कर दिया कि निखत अफलाक को ना तो हिरासत में लिया गया है और ना ही गिरफ्तार किया गया है बस उनसे पूछताछ की जा रही है.
आजम खान की पत्नी और राज्यसभा सांसद तंजीम फातिमा ने तुरंत इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया. राज्यसभा सांसद तंजीम फातिमा ने कहा कि ये जुल्म है. उन्होंने आरोप लगाया की 70 वर्ष से अधिक उम्र की एक बूढ़ी और बीमार महिला को जबरदस्ती उनके घर से धक्के देते हुए पुलिस ले गई. ये सरासर नाइंसाफी है.
तंजीम फातिमा ने कहा कहा "क्या यह लोकतांत्रिक तरीका है? यही पुलिस की कार्यप्रणाली है कि अकेली औरत को घर से घसीटकर इस तरह से ले जाया जाए. अगर पुलिस को कुछ पूछना ही है तो सीधे कह देती."
राज्यसभा सांसद ने बताया कि "यह आजम खान की बड़ी बहन हैं और जिस तरह जौहर ट्रस्ट की मेंबर वह हैं, वैसे ही निखत भी हैं. जौहर ट्रस्ट के तो सात सदस्य हैं. पुलिस ने अभी तक बताया ही नहीं कि क्यों उठाया गया है. पुलिस कार्रवाई के नाम पर डरा-धमका रही है."
हालांकि पुलिस ने निखत अफलाक को गिरफ्तार करने या उन्हें हिरासत में लिए जाने से इनकार किया और कहा है कि उनसे जौहर यूनिवर्सिटी पर लगे आरोपों के संबंध में चल रही जांच के संबंध में पूछताछ की जा रही है.