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उत्तर प्रदेश के बलिया गोलीकांड का आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कार्यकर्ता था. इस बात का दावा खुद बैरिया से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने किया है. सुरेंद्र सिंह की माने तो धीरेंद्र सिंह पार्टी का कार्यकर्ता था. यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. फायरिंग और मारपीट में धीरेंद्र सिंह की बहन, पिता और परिवार के कई सदस्यों को भी चोट आई है.
इस मामले में एक दर्जन पुलिस टीम बनाकर नामजद 8 आरोपियों के 24 ठिकानों पर छापेमारी की गई. छापेमारी अभी भी जारी है. हालांकि, अभी तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. घटना के वक्त मौजूद सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही सरकार की ओर से आरोपियो के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का दिया भरोसा दिया जा रहा है.
पुलिस गिरफ्त से कैसे भाग गया आरोपी
दुर्जनपुर गांव में हुए गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्लू का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में उसे चार-चार पुलिस कर्मी पकड़े हुए हैं. हालांकि, बाद में वह पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया. आरोपी के घर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधायक सुरेंद्र सिंह की तस्वीर लगी हुई है.
सीओ पर इस वजह से हुई कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, सीओ को सस्पेंड इसलिए किया गया है, क्योंकि आरोपी धीरेंद्र सिंह के मौके पर पकड़ में आने के बावजूद वह पुलिस की हिरासत से कैसे भाग गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह भारी लापरवाही है क्योंकि पुलिस के सामने गोलीबारी हुई. मुख्य अभियुक्त पकड़ा भी गया और फिर पुलिस हिरासत से फरार भी हो गया.
क्या है पूरा मामला
15 अक्टूबर की दोपहर बाद बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर की जा रही कार्यवाही में दो पक्षों में भिड़ंत हो गई, जिसमें गांव के ही दबंग धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू ने अपने साथियों के साथ मिलकर दूसरे पक्ष पर हमला बोल दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.
फायरिंग की इस वारदात में मौके पर मौजूद जयप्रकाश पाल को गोली लगी. इलाज के लिए अस्पताल ले जाते वक्त जयप्रकाश पाल की मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है. घटना के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है.