लखीमपुर खीरी का दुधवा टाइगर रिजर्व मंगलवार को पर्यटकों के लिए फिर से खुल गया है. इस मौके पर यूपी के वन राज्य मंत्री अरुण कुमार के साथ पलिया से बीजेपी विधायक रोमी साहनी और दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय कुमार पाठक भी मौजूद थे लेकिन कुछ ही देर बाद 11 करोड़ रुपये के एक मामले को लेकर विधायक और फील्ड डायरेक्टर में बहस होने लगी.
जानकारी के मुताबिक दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलने वाली सुहेली नदी में जमा सिल्ट यानी बालू की सफाई के लिए सरकार ने 11 करोड़ आवंटित किए हैं. बीजेपी विधायक फील्ड डायरेक्टर पर लगातार दबाव बनाकर बजट खर्च कर सिल्ट की सफाई कराने की बात करने लगे.
इस पर फील्ड डायरेक्टर ने कहा कि जब तक नदी का आगे का पूरा हिस्सा साफ नहीं होगा, तब तक सिल्ट सफाई करने से बाढ़ कम नहीं होगी. इसके बाद धीरे-धीरे दोनों में बहस बढ़ गई. तभी मौके पर मौजूद वन राज्यमंत्री ने दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया लेकिन लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
पर्यटकों को अब चुकाने होंगे ज्यादा पैसे
इस बार दुधवा घूमने वालों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. दरअसल इस बार से एंट्री फीस, कुटीर, छात्रावास, वाहन और हाथी की सवारी शुल्क सहित सभी दरों को दोगुना और कुछ मामलों में तीन गुना कर दिया गया है. 2010 में आखिरी बार इस दरों में फेरबदल किया गया था.
पीटीआई के मुताबिक दुधवा में अब वयस्क को 300 रुपये का प्रवेश शुल्क देना होगा, जबकि 5 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों का प्रवेश शुल्क 150 रुपये होगा. स्कूल या कॉलेज द्वारा प्रायोजित छात्रों के लिए प्रवेश शुल्क 50 रुपये प्रति छात्र होगा. सड़क शुल्क, वाहन प्रवेश शुल्क और वन मार्ग शुल्क बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है, जबकि हिंदी या अंग्रेजी भाषी गाइड शुल्क को संशोधित कर 400 रुपये और द्विभाषी के लिए 500 रुपये कर दिया गया है. इस सीजन से वाहन पार्किंग शुल्क भी वसूला जाएगा. इसके तहत पर्यटकों को पार्किंग स्लॉट की अपनी श्रेणी के अनुसार 100 रुपये से 500 रुपये के बीच शुल्क देना होगा.
गैंडा क्षेत्र में भी अब हाथी की सवारी
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मंत्री डॉ. अरुण कुमार द्वारा औपचारिक उद्घाटन के बाद दुधवा में पर्यटन गतिविधियां शुरू हो गईं. इस मौके पर फील्ड डायरेक्टर संजय कुमार पाठक ने बताया दक्षिण सोनारीपुर रेंज में गैंडा (राइनो) क्षेत्र में जाने के इच्छुक पर्यटकों को उपलब्धता के अनुसार हाथी की सवारी का आनंद लेने का मौका दिया जाएगा.
पाठक ने बताया कि दुधवा, किशनपुर या कतर्नियाघाट जंगल सफारी जाने के इच्छुक लोग यूपी सरकार के पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर जाकर या इसके मोबाइल ऐप का उपयोग करके कॉटेज बुक करा सकते हैं.