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यूपीः 29 साल पुराने केस में गई बीजेपी विधायक की सदस्यता, अब जमानत भी नहीं मिल रही

साल 1992 में साकेत महाविद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य यदुवंश राम त्रिपाठी ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था.

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इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी
इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक थे इंद्र प्रताप तिवारी
  • विधानसभा सचिवालय ने इस बारे में जारी की अधिसूचना

अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी की 29 साल पुराने मामले में विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई है. 18 अक्टूबर 2021 को फर्जी मार्कशीट मामले में कोर्ट ने अयोध्या के गोसाईगंज सीट से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी, तत्कालीन छात्र नेता फूलचंद यादव और कृपा निधान तिवारी को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी. इतना ही नहीं इस मामले में उन्हें अभी तक जमानत नहीं मिली है.

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बता दें कि साल 1992 में साकेत महाविद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य यदुवंश राम त्रिपाठी ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था. तत्कालीन प्राचार्य यदुवंश राम त्रिपाठी ने अपने शिकायती पत्र में कहा था कि इंद्र प्रताप तिवारी और फूलचंद यादव के साथ कृपा निधान तिवारी ने बीएससी प्रथम वर्ष की परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने और बैक पेपर बाद भी बीएससी सेकेंड ईयर में एडमिशन ले लिया था.

लिहाजा तीनों के खिलाफ अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में 420 , 467, 468, 471 धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था. लिहाजा बीते गुरुवार को विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इंद्र प्रताप तिवारी की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी. 
 
इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी और सपा नेता फूलचंद यादव और चाणक्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृपा निधान तिवारी को कोर्ट ने 5 साल की सजा के साथ ही 13000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. हालांकि कृपा निधान तिवारी की जमानत मंजूर हो गई है. जबकि इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी और फूलचंद यादव को जमानत नहीं मिली है. बता दें कि इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी के खिलाफ पहले से गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं.

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