2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. बीजेपी सांसद रवींद्र कुशवाहा ने कहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र में राम मंदिर से संबंधित विधेयक निश्चित रूप से पेश होगा. अगर राज्यसभा में यह पारित नहीं हो पाया तो अध्यादेश के जरिए मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होगा.
उत्तर प्रदेश के सलेमपुर से सांसद कुशवाहा ने कहा कि राम मंदिर को लेकर हो रहा आंदोलन इस बार निर्णायक मुकाम तक पहुंचेगा. कुशवाहा ने यह बयान बलिया जिले के सिकंदरपुर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दिया.
उन्होंने राम मंदिर को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि 11 दिसंबर से शुरू होने जा रहे संसद के शीतकालीन सत्र में निश्चित रूप से राम मंदिर से जुड़ा विधेयक पेश होगा. विधेयक पेश होने के बाद संसद में जो बहस होगी उसे देख जनता जान जाएगी कि कौन सी राजनीतिक पार्टी मंदिर के पक्ष में है और कौन इसके विरोध में है.
कुशवाहा ने यह भी कहा कि लोकसभा में बीजेपी के पास बहुमत होने के कारण यह पारित हो जाएगा, लेकिन राज्यसभा में पास होगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा में यह विधेयक पारित नहीं हो पाया तो सरकार अध्यादेश के जरिए मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी.
संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, जो आठ जनवरी 2019 तक चलेगा. लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार पर राम मंदिर पर संसद में कानून लाने का काफी दबाव है. साधु-संत और आरएसएस समेत कई हिंदूवादी संगठनों ने इस संबंध मे मोदी सरकार को अल्टीमेटम दे रखा है.
अगले लोकसभा चुनावों से पूर्व नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह अंतिम पूर्ण संसदीय सत्र होगा. संसद का शीतकालीन सत्र अमूमन नवंबर में शुरू होता है, लेकिन यह लगातार दूसरा साल है, जब शीतकालीन सत्र दिसंबर में शुरू होगा.
पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कारण इस साल सत्र में देरी हुई है. बता दें कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. इन सभी राज्यों के चुनाव नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे. दिलचस्प बात यह है कि शीतकालीन सत्र उस दिन से शुरू हो रहा है, जिस दिन पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आने हैं.