मथुरा हिंसा को लेकर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा कि मीडिया में देखने को मिल रहा है कि कितने हथियार बरामद किए गए हैं, ये हथियार एक दिन में नहीं आए हैं. संबित ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियार इकट्ठा करने में महीनों का समय लगता है. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को देखने पर लगता है कि यहां जंगल राज नहीं बल्कि गुंडा राज है.
पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस पूरी घटना के पीछे जिसका दिमाग है उसकी भूमिका भी संदिग्ध है. पात्रा बोले कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सवालों के जवाब देने होंगे.
पात्रा ने कहा कि इस घटना के पीछे जिसका हाथ है, उसके बारे में सब जानते हैं, लेकिन फिर भी वह खुला घूमता रहा. उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया. पात्रा ने यूपी पुलिस को भी सवालों के कटघरे में खड़ा किया. पात्रा बोले कि 'मीडिया रिपोर्ट्स देख कर पता लगता है कि जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो लोगों ने पेड़ पर चढ़कर फायरिंग शुरू कर दी, यह पुलिस की नाकामयाबी को दिखाती है, यूपी पुलिस को इसका जवाब देना चाहिए.' उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बड़ा मुद्दा बन गया है. सीएम अखिलेश यादव अभी तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं.
हेमा मालिनी का किया बचाव
मथुरा से बीजेपी सांसद हेमा मालिनी के ट्विटर पोस्ट पर बढ़े विवाद को लेकर संबित ने कहा कि 'वह इस वक्त मुंबई में हैं, वह मामले को लेकर गंभीर हैं और अपनी संवेदना भी ट्विटर पर व्यक्त कर चुकी हैं. इस पर
हमें कोई राजनीति नहीं करनी'.