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BSP का ब्राह्मण कार्डः गैंगस्टर विकास दुबे के भतीजे की पत्नी खुशी का केस लड़ेगी बसपा

विधानसभा चुनाव से पहले बसपा ब्राह्मणों को साधने की जुगत में है. इस बीच बसपा बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई खुशी दुबे की रिहाई की लड़ाई लड़ेगी. खुशी कुख्यात विकास दुबे के भतीजे और शॉर्प शूटर रहे अमर दुबे की पत्नी है.

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विकास दुबे के भतीजे अमर की पत्नी है खुशी दुबे (फाइल-पीटीआई)
विकास दुबे के भतीजे अमर की पत्नी है खुशी दुबे (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मणों को साधने की कोशिश में बसपा
  • 23 जुलाई को अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन कराने की तैयारी में BSP
  • खुशी दुबे का केस बसपा के महासचिव सतीश मिश्र लड़ेंगेः नकुल दुबे

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुट गई है. बसपा ब्राह्मण समुदाय को अपने पक्ष में लाने की योजना बना रही है और इसीलिए ब्राह्मण सम्मेलन से पहले बसपा से पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने ऐलान किया कि बिकरू कांड में आरोपी बनाए गए खुशी दुबे की रिहाई की लड़ाई बसपा लड़ेगी. 

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बसपा बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई खुशी दुबे की रिहाई की लड़ाई लड़ेगी. खुशी कुख्यात विकास दुबे के भतीजे और शॉर्प शूटर रहे अमर दुबे की पत्नी है. हालांकि बिकरू कांड के बाद पुलिस मुठभेड़ में दोनों (विकास और अमर) ढेर कर दिए गए थे.

बसपा ब्राह्मण के भरोसे 2022 के विधानसभा चुनाव में खोई पहचान पाने की जुगत में लगी हुई है. इसके लिए बसपा 23 जुलाई को अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन कराने जा रही है और उसकी कोशिश ब्राह्मणों को बीएसपी से जोड़ने की है.

खुशी की रिहाई की लड़ाई बसपा लड़ेगीः नकुल दुबे 

अयोध्या में होने वाले ब्राह्मण सम्मेलन से पहले बसपा नेता और पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने ऐलान किया है कि बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई खुशी दुबे की रिहाई की लड़ाई अब बसपा लड़ेगी. 

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नकुल दुबे ने कहा कि खुशी दुबे का केस बसपा के महासचिव सतीश मिश्र लड़ेंगे. बिकरू कांड के बाद पुलिस मुठभेड़ में विकास दुबे और अमर दुबे दोनों मारे गए थे. 17 वर्षीय खुशी दुबे पिछले एक साल से बाराबंकी के एक किशोर केंद्र में बंद है. 

इससे पहले पिछले महीने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी के पार्टी प्रभारी संजय सिंह ने खुशी दुबे की रिहाई की मांग की थी तो बीजेपी के ही एमएलसी उमेश द्विवेदी ने भी रिहाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी. 

पत्र में उमेश द्विवेदी ने लिखा कि 10 महीने पहले बिकरू कांड में एक महिला खुशी दुबे की शादी 9 दिनों पहले ही हुई थी और बाद में उसे गिरफ्तार किया गया. आज 10 महीने बाद भी उसके ऊपर कोई आरोप तय नहीं हो सका. इसके बावजूद भी उसे जेल की सलाखों में रहना पड़ रहा है. पत्र में आगे द्विवेदी ने लिखा कि खुशी दुबे का स्वास्थ्य ठीक नहीं है. 

पिछले साल कानपुर स्थित बिकरू गांव में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. विकास दुबे ने पूरी वारदात को अपने गुर्गों के साथ मिलकर अंजाम दिया. बाद में विकास दुबे के करीबी और शॉर्प शूटर अमर दुबे को भी पुलिस ने हमीरपुर में एनकाउंटर में मार गिराया था.

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