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मूर्ति विवाद पर भड़कीं मायावती, बोलीं- सफाई को गलत तरीके से दर्शाया जा रहा

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बहुजन समाज प्रेरणा केंद्र लखनऊ में उनकी प्रतिमा लगाने संबंधी खबर पर अपत्ति जताते हुए कहा है कि इसे गलत तरीके से दर्शाया जा रहा है.

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बीएसपी सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो)
बीएसपी सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो)

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  • मायावती ने मूर्ति विवाद को लेकर किए कई ट्वीट
  • ट्वीट में कहा- इसे गलत तरीके से दर्शाया जा रहा

यूपी में इन दिनों एक बार फिर मूर्ति की सियासत तूल पकड़ने लगी है. बीजेपी अयोध्या में राम मंदिर की मूर्ति लगवा रही है तो वहीं उसकी काट में सपा ने परशुराम की मूर्ति लगवाने का ऐलान किया था जिसके बाद बीएसपी ने दावा किया था कि वो सत्ता में आई तो वो परशुराम की और भव्य मूर्ति लगवाएगी. अब बहुजन समाज प्रेरणा केंद्र में लगी मायावती की मूर्ति को लेकर विवाद हो रहा है. ऐसे में बीएसपी की तरफ से सफाई भी दी गयी है कि यह कोई नई मूर्ति नहीं है.

बता दें कि लखनऊ स्थित बहुजन समाज प्रेरणा केंद्र में मायावती की मूर्तियां लगाई गई हैं. बीएसपी सूत्रों के मुताबिक यह जगह गैर सरकारी है और फिलहाल पार्टी के पास है. जहां पर साफ सफाई का काम चल रहा है. मायावती की पहले से ही लगी मूर्तियों को साफ कर फिर लगवाया गया है. कोई भी नई मूर्ति लगाने की बात बिलकुल गलत है.

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बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी बहुजन समाज प्रेरणा केंद्र लखनऊ में उनकी प्रतिमा लगाने संबंधी खबर पर अपत्ति जताते हुए कहा है कि इसे गलत तरीके से दर्शाया जा रहा है. मायावती ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा है कि जैसा कि सर्वविदित है कि अपने देश में सरकारी, गैर-सरकारी व सार्वजनिक स्थानों/स्थलों पर जो मूर्तियां आदि लगी होती हैं उनकी साफ-सफाई, मरम्मत व रख-रखाव पर पूरा ध्यान नहीं दिया जाता है, जिनकी स्थिति फिर धीरे-धीरे काफी खराब हो जाती है जिसे जनता कतई पसंद नहीं करती है.

यह भी पढ़ें: दलबदल का अभिशाप कैसे छीन सकता है BSP से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा?

मायावती ने अगले ट्वीट में लिखा है कि बीएसपी इस मामले में अपनी सरकार में सरकारी स्थानों/स्थलों पर ही नहीं बल्कि अपने प्राइवेट घरों/स्थानों पर भी लगी मूर्तियों व फव्वारों आदि की साफ-सफाई, मरम्मत व रख-रखव आदि पर भी हमेशा विशेष ध्यान देती है, जो कि जग-जाहिर है.

अपने तीसरे ट्वीट में मायावती ने लिखा है कि इसी क्रम में प्राइवेट व गैर-सरकारी लखनऊ प्रेरणा केंद्र में जो यह सब कार्य चल रहा है, जिसे कुछ मीडिया गलत तरीके से दर्शा रहे हैं, उन्हें अपनी जातिवादी मानसिकता में जरूर कुछ बदलाव लाना चाहिए तो यह बेहतर होगा.

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