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किराया न मिलने पर मकान मालिक ने बैंक पर जड़ा ताला, चेयरमैन को आना पड़ा मनाने

Meerut: बैंक में ताला डाला तो सैकड़ों कस्टमर धूप में खड़े रहे और बैंक कर्मी भी अंदर नहीं घुस पाए. बैंक के बड़े अधिकारियों की भी मकान मालिक ने बात नहीं सुनी. इसके बाद चेयरमैन को हस्तक्षेप करना पड़ा.

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बैंक पर जड़ा ताला.
बैंक पर जड़ा ताला.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बैंक में लगा ताला तो ग्राहक हुए परेशान
  • बाहर खड़े रहे बैंक के कर्मचारी

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में किराया न मिलने के कारण मकान मालिक ने जिला सहकारी बैंक की सकौती शाखा में ताला जड़ दिया. उसका कहना है कि जब तक पूरा किराया नहीं मिलेगा, तब तक ताला नहीं खुलेगा. जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन के काफी समझाने के बाद बैक का ताला खुला. 

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शहर से लगभग 30 किमी दूर दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाइवे-58 पर सकौती निवासी किरणपाल सिंह ने सहकारी बैंक को अपना भवन किराए पर दिया था. बताया जा रहा है कि पिछले 8 साल से किराए और एग्रीमेंट को लेकर बैंक और भवन मालिक के बीच विवाद चला आ रहा था.  

बुधवार को किराया नहीं मिलने पर भवन मालिक किरणपाल ने बैंक के गेट पर अपना ताला लगा दिया. ताला लगने से बैंक पहुंचे ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ी. किरणपाल सिंह का कहना है कि 2007 में  भवन किराए पर दिया गया था जिसका एग्रीमेंट भी खत्म हो गया. बैंक को कई बार एप्लीकेशन दी, लेकिन उन्होंने कोई महत्व नहीं दिया. 

भवन मालिक किरणपाल सिंह.

मकान मालिक किरण पाल सिंह का आरोप है, ''एग्रीमेंट किराया बढ़ाकर दिया जाना था, लेकिन उल्टा बैंक ने किराया घटा दिया. इन लोगों को एप्लीकेशन लिखते लिखते थक गया हूं, लेकिन किसी ने मेरी नहीं सुनी. बैंक ने 6 लाख रुपए दिए हैं और उसमें 54 हज़ार टैक्स के काट लिए गए, जबकि कोई ब्याज भी नहीं दिया, क्योंकि लंबे समय से किराया नहीं मिला था. मेरी बात का जवाब तक नहीं दे रहे थे, तो मैंने ताला जड़ दिया

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ताला डालने की बैंक अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. जिसके बाद बैंक मैनेजर ने काफी समझाया, लेकिन भवन मालिक ने कहा, पहले मुझे किराए का पैसा चाहिए. बैंक ने 6 लाख रुपये दे दिए. इस पर मालिक ने कहा, मेरे किराए में से 54 हजार रुपए टैक्स के रूप में काटने की बात कहते हुए रोक लिए. हालांकि, जिसके बाद जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदर पाल सिंह के काफी समझाने के बाद ताला खुल सका. 

 

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