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आगरा पहुंची कासगंज तिरंगा यात्रा की गूंज, सड़क पर VHP-बजरंग दल

चंदन को शहीद का दर्जा देने की मांग की जा रही है. इस बीच आगरा में बुधवार को विश्व हिंदू परिषद ने तिरंगा यात्रा निकाली.

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फाइल फोटो
फाइल फोटो

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उत्तर प्रदेश के कासगंज में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा में युवक चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी. इस मामले ने जल्द ही राजनीतिक रंग ले लिया. सोशल मीडिया के अलावा प्रदेश में कई जगह चंदन गुप्ता के समर्थन में कई लोग आए हैं. चंदन को शहीद का दर्जा देने की मांग की जा रही है. इस बीच आगरा में बुधवार को विश्व हिंदू परिषद ने तिरंगा यात्रा निकाली. VHP का कहना है कि वे तिरंगा यात्रा के जरिए चंदन गुप्ता को सच्ची श्रद्धांजलि दे रहे हैं. चंदन को जल्द से जल्द शहीद घोषित किया जाए.  

आगरा में इस यात्रा को 40 अलग-अलग स्थानों पर निकाला जाएगा. इसके कारण पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है. तिरंगा यात्रा में हिस्सा ले रहे अर्जुन प्रखंड के सह-संयोजक अभिषेक शर्मा ने कहा है कि चंदन को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए तिरंगा यात्रा को निकाला जा रहा है. हर गली-मोहल्ले से यात्रा को निकाला जाएगा.

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आपको बता दें कि योगी सरकार ने मृतक चंदन गुप्ता के परिजनों को 20 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया था. हालांकि, परिवार ने राशि लेने से मना कर दिया था. उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे ने भी चंदन गुप्ता को शहीद का दर्जा देने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि वह इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ से बात करेंगे.

क्या हुआ था कासगंज में ?  

गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के कासगंज में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. जिसमें चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी. पुलिस ने इस मामले में अब तक 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था.

दरअसल, VHP और ABVP के कार्यकर्ताओं ने तिरंगा यात्रा निकाली थी. तिरंगा यात्रा जब बिलमार गेट के पास एक विशेष समुदाय के मोहल्ले से गुजरने लगा तो तिरंगा यात्रा निकाल रहे युवकों ने भड़काऊ नारेबाजी की, जिससे दो गुटों में झड़प शुरू हो गई. झड़प इतनी बढ़ी की इसने हिंसा का रूप ले लिया.

दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई और गोलियां भी चलीं. फायरिंग में एक युवक चंदन गुप्ता की मौत हो गई. युवक की मौत के बाद हिंसा ने उग्र रूप ले लिया. उपद्रवियों ने जमकर दुकानों में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की. रात होते-होते इलाके में भारी पुलिस और सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा और कर्फ्यू लगा दिया गया.

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रात भर माहौल शांत लेकिन तनावपूर्ण बना रहा. वारदात के दूसरे दिन भी शहर में हिंसा जारी रही. उपद्रवियों ने तीन दुकानों, दो निजी बसों और एक कार को आग के हवाले कर दिया था. प्रशासन ने रविवार रात दस बजे तक इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया था ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों को रोका जा सके.

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