केंद्र सरकार के नए कृषि कानून के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों का विपक्षी दल समर्थन कर रहे हैं, ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के मुद्दे पर विपक्षी दलों को आड़े हाथ लिया है. सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में कृषि को लेकर क्रांतिकारी कदम उठाया है. केंद्र सरकार जो नया कानून लाई है उसपर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीए एक में 2010-11 के दौरान शरद पवार ने बतौर कृषि मंत्री APMC में संशोधन की वकालत की थी. आज विरोध करने वाले सभी दल उस वक्त साथ थे. शरद पवार ने सभी राज्यों को पत्र लिखे थे. मुझे आश्चर्य है कि कृषि मंत्री प्रस्ताव ला रहे हों और तब पीएम, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, राहुल गांधी (जो कांग्रेस महासचिव थे) को इसके बारे में मालूम न हो. सीएम योगी ने कहा कि आज एनसीपी और दूसरे दल इसका विरोध कर रहे हैं. इससे उनका दोहरा चरित्र उजागर हुआ है.
राहुल गांधी ने भी APMC एक्ट में संशोधन करने के पक्षधर रहे हैं और कांग्रेस की हार की वजह बताया था. स्थाई समिति की बैठक में इसपर विस्तृत चर्चा हुई. अकाली दल, सपा, TMC, कांग्रेस सभी ने APMC एक्ट की वकालत की थी. आज वही दल किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.
कांग्रेस के घोषणा पत्र में मंडी प्रथा को खत्म करने की वकालत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे आश्चर्य की बात यह कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में इसे लागू कर चुकी, वो आज धरने पर उतर आई है. हम कांग्रेस के घोषणापत्र को देखें तो मंडी प्रथा को खत्म करने की वकालत की गई है. आज बीजेपी ने वही काम किया है तो लोग अराजकता पैदा कर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. इन सभी दलों को जनता से माफी मांगनी चाहिए.
केंद्र सरकार ने किसानों के लिए उठाए कई क्रांतिकारी कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं. लेकिन कृषि कानूनों पर कुछ राजनीतिक दल राजनीति कर रही है. कुछ पार्टियां माहौल खराब करने की कोशिश कर रही हैं. सीएम योगी ने कहा कि APMC एक्ट में संशोधन के लिए 2010-11 में तत्कालीन कृषि मंत्री शरद पवार ने राज्य सरकारों को पत्र भेजा था.
किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस और एनसीपी इससे कैसे मुकर सकती हैं. विपक्ष के लोग किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रहे हैं. राज्यों के APMC एक्ट में संशोधन करने और मॉडल APMC एक्ट लागू करने की सिफारिश की थी कि कैसे वन नेशन और वन एक्ट लागू किया जाए. लेकिन इससे राजनीतिक दलों का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है. हैरानी की बात है कि आम आदमी पार्टी जो संशोधन का नोटिफिकेशन भी जारी कर चुकी है उसने भारत बंद का समर्थन किया है. इनके बयानों में हमेशा अंतर दिखता है. ये विपक्षी दल भोले-भाले किसानों के कंधे का इस्तेमाल कर बंदूक चला रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मेनिफेस्टो में भी APMC एक्ट का जिक्र है. लेकिन मोदी सरकार किसानों के व्यापक हित में कदम उठाती है तो कांग्रेस जैसे दल इसके खिलाफ खड़े हो जाते. कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दल को यह शोभा नहीं देता कि वह किसानों का इस्तेमाल करे. कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए APMC एक्ट का समर्थन किया और अब विरोध कर रही है. कोरोना काल में किसानों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन विपक्षी दलों को माफी मांगना चाहिए जिन्होंने इस एक्ट का समर्थन किया था और अब विरोध कर रहे हैं. ऐसे दलों को देश से माफी मांगनी चाहिए.