बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि विपक्षी दलों को हिंदू धर्म में घर वापसी तो नजर आती है, लेकिन हिंदुओं को ईसाई या मुस्लिम बनाए जाने पर वो टिप्पणी नहीं करते.
आदित्यनाथ ने संवाददाताओं से कहा, 'देश में अनेक संस्थानों पर हिंदू को ईसाई या मुस्लिम बनाया जा रहा है लेकिन इस पर विपक्षी नेता टिप्पणी नहीं करते. इनको केवल हिंदू धर्म में घर वापसी दिखाई दे रही है.' उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार धर्मांतरण विरोधी कानून बनाना चाहती है. विपक्षी दल इसका समर्थन क्यों नहीं करते? धर्मांतरण सामाजिक मुद्दा है और मोदी सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है.
गौरतलब है कि हाल की धर्मांतरण की घटनाओं को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया था. उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खान के ताजमहल को गिराने की साजिश रचने संबंधी बयान पर आदित्यनाथ ने कहा कि आजम के बयान को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए. ताजमहल के बारे में आजम ने हमेशा से विवादास्पद बयान दिए हैं.
आमिर खान अभिनीत 'पीके' फिल्म में हिंदू देवी देवताओं के बारे में कथित अनर्गल टिप्पणी के बारे में किए गए सवाल पर बीजेपी नेता ने कहा कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन सुना है. फिल्म और कला के नाम पर किसी समुदाय पर टिप्पणी गलत है. हिंदू भावनाओं का सम्मान होना चाहिए. मोदी सरकार के कामकाज को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश को सही दिशा और नेतृत्व दे रही है. विपक्ष हताश और निराश है. अनर्गल मुद्दों के जरिए वह सरकार का ध्यान विकास से हटाना चाहता है. उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार के कामकाज की शैली पर सवाल उठाते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि कानून-व्यवस्था, विकास, किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर बीजेपी अखिलेश सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ेगी.
-इनपुट भाषा से