जौनपुर के बदमाश इस समय सोने-चांदी और पैसे लूटने की बजाय प्याज लूटना मुनाफे का सौदा समझने लगे हैं. इतना ही नहीं, प्याज लूटते वक्त अपने शिकार को मौत के घाट उतरने में भी इन्हें कोई गुरेज नहीं है. करीब तीन माह पहले प्याज से भरे ट्रक के लूटकांड के खुलासे से इस बात की पुष्टि हुई है.
सात अगस्त, 2013 की रात मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के सतहरिया के पास अज्ञात बदमशों ने प्याज से भरे ट्रक को लूट लिया था और ड्राइवर व खलासी की हत्या कर दी थी. ड्राइवर की लाश बदलापुर थाना क्षेत्र में बरामद हुई थी. खलासी का शव सुल्तानपुर जिले के लभुआ थाना क्षेत्र में पाया गया था.
इस लूटकांड का पर्दाफाश करने के लिए क्राइम ब्रांच और मुगराबादशाहपुर थाने की पुलिस को लगाया गया था. करीब ढाई महीने बाद आखिरकार टीम को सफलता मिल ही गई.
एसपी हैप्पी गुप्तन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार किए गए बदमाश पहले ट्रक को अगवा करके ड्राइवरों का पैसा लूटते थे. लेकिन जब से प्याज और सब्जियों के दाम ने असमान छूना शुरू किया, तो इस गैंग ने प्याज, टमाटर और सब्जियां भी लूटना शुरू कर दिया है. इस गिरोह के लोग जौनपुर, आजमगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश के कई जनपदों में इस तरह की वारदात को अंजाम दे चुके हैं.
इस मामले में आरोपी ने बताया कि गिरोह के लोगों को हुक्म इलाहाबाद जेल में बंद आका देता है. उसी के इशारे पर ये सभी अपने काम को अंजाम देते हैं. इन आरोपियों को जेल भेजने के बाद अब पुलिस इस गैंग के अन्य बदमाशों की तलाश में जुट गई है.