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सिद्धार्थनगर: महीनों पहले हुई थी बुजुर्ग की मौत, अब आया कोरोना वैक्सीन लग जाने का मैसेज, जांच के आदेश

सरकारी व्यवस्था में अजीबोगरीब गड़बड़ी सामने आना कोई नई बात नहीं है. अक्सर जिंदा को कागजों में मृत और मृत को जिंदा बता दिया जाता है. ऐसा ही एक मामला यूपी में सामने आया है. यहां मृतक को वैक्सीन लगाए जाने का मैसेज उसके परिजनों को भेज दिया गया.

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कोरोना वैक्सीन     (FILE)
कोरोना वैक्सीन (FILE)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर का मामला
  • मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

स्वास्थ्य विभाग ने एक मृतक को कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का मैसेज उसके परिजनों को भेज दिया. जब विभाग को पता चला कि जिसे वैक्सीन लगाए जाने का मैसेज भेजा गया है, उसकी मृत्यु हो चुकी है तो विभाग के अधिकारी ने कहा कि हम जांच करवा रहे हैं.
   
 जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के ​सिद्धार्थनगर जिले में एक 80 वर्षीय व्यक्ति की मौत के महीनों बाद उसके परिवार को एक एसएमएस मिला है. इस एसएमएस में कहा गया है कि उसे 16 नवंबर को उसकी दूसरी कोविड-19 वैक्सीन की डोज लगाई गई.

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एजेंसी के मुताबिक, मामला सोमवार को तब सामने आया, जब मृतक सत्यनारायण सिंह के पोते अंकुर सिंह ने सोशल मीडिया पर आपबीती सुनाई. एसएमएस का हवाला देते हुए अंकुर सिंह ने कहा कि टीकाकरण स्पष्ट रूप से लोटन के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया था. सहायक नर्स दाई (एएनएम) का नाम गुढिया था.

उन्होंने कहा कि उनके दादा को टीके की पहली खुराक चार अप्रैल को दी गई थी. टीकाकरण के दौरान उनका मोबाइल नंबर दर्ज किया गया था. सत्यनारायण सिंह की 10 जून को मृत्यु हो गई. परिवार को तीन जुलाई को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया.

जो भी दोषी होगा, उस पर होगी सख्त कार्रवाई

संपर्क करने पर सिद्धार्थनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि उन्होंने मामले को संज्ञान में लिया है. उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. तकनीकी खराबी होने पर उसे सुधारा जाएगा. उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह सिद्धार्थनगर के बंसी के रहने वाले हैं.

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