दरभंगा ब्लास्ट मामले (Darbhanga Blast Case) में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यूपी के शामली जिले से सलीम और कफील नामक आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. एक दिन पहले आजतक/इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से खुलासा किया था कि शामली में रहने वाले सलीम ने ही हैदराबाद से गिरफ्तार नासिर और इमरान को रिक्रूट किया था. सलीम को ही हवाला के जरिए से पाकिस्तान से एक लाख, 60 हजार रुपये बम धमाके के लिए मिले थे. वह कई बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है. वहीं, एनआईए कोर्ट ने दो संदिग्ध आतंकियों को सात दिनों की एनआईए रिमांड पर भेज दिया.
पाकिस्तान यात्रा के दौरान ही सलीम लश्कर और आईएसआई हैंडलर के संपर्क में आया था. आरोप है कि बाद में वापस शामली आने के बाद भी पाकिस्तान बात करता रहता था और फिर एक दिन पाकिस्तान से आए हैंडलर के कॉल के बाद सलीम ने धमाके का प्लान बनाना शुरू किया था, जिसके लिए सलीम ने शामली में मौजूद कफील और हैदराबाद में मौजूद नासिर और इमरान को तैयार कर एक टीम बनाई और धमाके को अंजाम दिलवाया था.
बता दें कि बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुए पार्सल ब्लास्ट के मामले में एनआईए ने गुरुवार को दो मुख्य आरोपियों इमरान मलिक और मोहम्मद नासिर को गिरफ्तार किया था. दोनों आरोपी का पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया था और उन्हें लश्कर का आतंकी बताया गया है. दोनों इस समय हैदराबाद में रह रहे थे और अलग-अलग हिस्सों में आतंकी घटनाएं करने की योजना बना रहे थे.
गिरफ्तारी के बाद एनआईए की प्रवक्ता जया राय ने बताया था कि 17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल में ब्लास्ट हुआ था. एनआईए ने इस मामले में 24 जून को जांच शुरू की थी. दावा है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकियों- इमरान और नासिर ने ही आईईडी बम बनाया था.
एनआईए कोर्ट ने दो संदिग्ध आतंकियों को रिमांड पर भेजा
सिकंदराबाद-दरभंगा स्पेशल ट्रेन को 'द बर्निंग ट्रेन' बनाने की साजिश में शामिल दो संदिग्ध आतंकवादी नसीर और इमरान को पटना की विशेष एनआईए कोर्ट ने 7 दिनों के लिए एनआईए की रिमांड पर भेज दिया है.
तेलंगाना से गिरफ्तार आमिर और नसीर को एनआईए की टीम शुक्रवार की सुबह हैदराबाद से पटना लेकर आए जिसके बाद उसे बिहार एटीएस के दफ्तर ले जाया गया जहां पर बिहार पुलिस ने भी दरभंगा पार्सल ब्लास्ट मामले में गहन पूछताछ की.
इसके बाद दोपहर में दोनों संदिग्ध आतंकवादियों को पटना व्यवहार न्यायालय के स्पेशल एनआईए कोर्ट में पेश किया गया जिसके बाद कोर्ट ने इन दोनों को 7 दिनों के लिए एनआईए की रिमांड पर भेज दिया.