
माफिया मुख्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) को शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की संस्तुति करने वाले पुलिस अधिकारी कृष्ण प्रताप सिंह को यूपी सरकार ने निलंबित कर दिया है. मऊ में कोतवाल के पद पर तैनाती के दौरान उन्होंने यह संस्तुति की थी. वर्तमान में कृष्ण प्रताप बहराइच में डिप्टी एसपी हैं. मुख्तार अंसारी के परिवार से साथ ही उसके जानने वालों पर सरकार सख्त एक्शन ले रही है.
वहीं, मुख्तार के बेटे और मऊ विधायक अब्बास की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं. क्योंकि अब उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी. एमपी-एमएलए कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है. अब्बास ने साल 2012 में लखनऊ से जारी किए गए शस्त्र लाइसेंस को बगैर सूचना दिए ही दिल्ली के पते पर ट्रांसफर कराया था. इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा. कोर्ट में लगातार गैर हाजिर होने के कारण एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास की संपत्ति कुर्की के आदेश दिया है.
एमपी-एमएलए कोर्ट के जज अम्बरीष श्रीवास्तव ने सीआरपीसी की धारा 83 के तहत लखनऊ की महानगर पुलिस की अर्जी का संज्ञान लेते हुए आदेश दिया है. महानगर पुलिस ने इस संबंध में कोर्ट में अर्जी डाली थी.
अगली सुनवाई 17 नवंबर को
जज अंबरीष श्रीवास्तव ने मामले की अगली सुनवाई के लिए आगामी 17 नवंबर की तारीख तय की है. बीती 11 अगस्त को अब्बास के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही स्पेशल कोर्ट ने कुर्की की कार्यवाही से पहले नोटिस जारी करने का आदेश दिया था. इससे पहले अब्बास अंसारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है.
अब्बास के खिलाफ जारी हो चुका लुक आउट नोटिस
अब्बास के खिलाफ कई मामले चल रहे हैं. ऐसे ही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वो फरार है. बीते दिनों उसे 'भगोड़ा' घोषित कर दिया गया था. अब्बास के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी हो चुका है. अब वो देश छोड़कर भाग नहीं सकेगा. यूपी पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.
बांदा जेल में बंद है मुख्तार
गौरतलब है कि, मुख्तार अंसारी अभी बांदा जेल में बंद हैं और उसकी सुरक्षा के लिए जेल प्रशासन के साथ कानपुर के एक डिप्टी जेलर की ड्यूटी लगाई गई है. जेल प्रशासन के मुताबिक, मुख्तार की सुरक्षा में करीब 32 सुरक्षाकर्मी 24 घंटे में ड्यूटी पर लगाए गए हैं. जिसमे अंदर की बैरक में रहने वाले सुरक्षाकर्मी बॉडी कैम से लैस रहते हैं. यानी हर गतिविधि की नजर कैमरे में रिकॉर्ड होती है.