उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में कुत्ते और कुतिया की शादी धूमधाम से की गई. कुत्ते की बारात 32 किलोमीटर दूर गई थी, जिसमें बारातियों ने जमकर डांस किया. यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
भरुआ सुमेरपुर में रविवार को यह शादी हुई. यह शादी दो संतों के कुत्ते और कुतिया के बीच हुई. संत ने अपने पालतू पशुओं का विवाह कराकर एक दूसरे के समधी बन गए. बारात की सारी रस्में हिंदू रीति रिवाज के साथ संपन्न हुई. धूमधाम से बारात निकली और द्वारचार, भांवरे, कलेवा की रस्में भी निभाई गईं.
दोनों महंतों ने अपने शिष्यों, शुभचिंतकों को शादी का कार्ड भेजकर समारोह में बुलाया. बारात मनासर बाबा शिव मंदिर से गाजे-बाजे के साथ निकली थी. सौंखर गांव की गलियों में भ्रमण करके धूमधाम से निकासी कराई गई. इसके बाद मौदहा क्षेत्र के परछछ गांव में बजरंगबली मंदिर के महंत ने बरात की अगवानी की. दूल्हा कल्लू और दुल्हन का नाम भूरी है.
कल्लू को पालपोस कर बड़ा करने वाले संत द्वारका दास का कहना है कि धार्मिक नगरी चित्रकूट में यह शादी तय हुई थी. साथ ही उन्होंने कहा कि यह बारात 12 घंटे वाली नहीं है, बल्कि 36 घंटे बाद दुल्हन भूरी की विदाई कराएगी गई थी. इस शादी में करीब 100 बाराती शामिल हुए थे. पिछले सप्ताह तिलक की रस्म पूरी हो गई, जिसमें 11 हजार रुपये का कैश चढ़ाया गया था.
कुत्ता-कुतिया को नए कपड़े और सोने-चांदी के जेवरों से सजाया-संवारा गया. बरातियों के लिए कई तरह के व्यंजन तैयार कराए गए थे. यह अनोखी शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है कि इस महंगाई के दौर में जब इंसानों की शादी मुश्किल से हो पा रही है, ऐसे कुत्ते और कुतिया की धूमधाम से शादी हुई.