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यूपी: सड़क पर गड्ढों से गई जान तो इंजीनियर, ठेकेदार जाएंगे जेल

टूटी सड़क और गड्ढों से होने वाले हादसों पर अब उत्तर प्रदेश सरकार सख्त होती नजर आ रही है. सरकार ने आदेश जारी किया है कि अगर सड़क में गड्ढों के चलते हुए हादसे में किसी की जान जाती है तो इंजीनियर और ठेकेदार दोनों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलेगा.

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सड़क में गड्ढों के चलते यूपी में सालभर में 1500 लोगों की मौत (फाइल फोटो)
सड़क में गड्ढों के चलते यूपी में सालभर में 1500 लोगों की मौत (फाइल फोटो)

टूटी सड़क और गड्ढों से होने वाले हादसों पर अब उत्तर प्रदेश सरकार सख्त होती नजर आ रही है. सरकार ने आदेश जारी किया है कि अगर सड़क में गड्ढों के चलते हुए हादसे में किसी की जान जाती है तो इंजीनियर और ठेकेदार दोनों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलेगा.

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पिछले साल भर में खराब सड़क के चलते हादसे में यूपी में 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि लगभग इतने ही मुसाफिर घायल हो चुके हैं. लेकिन अब इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए परिवाहन आयुक्त की ओर से सभी डीएम को आदेश दिया गया है कि अब ऐसे सभी इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा चलेगा जिनके सड़क मरम्मत में लापरवाही बरतने से किसी की जान जाती है.

परिवाहन आयुक्त के रवींद्र नायक ने कहा, 'हमारा मकसद लोगों को संवेदनशील बनाना है ताकि लोग गड्ढे न खोदें और अगर खोदें तो उसे शाम तक भर दें. लेकिन अगर ऐसे लोग या फिर संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर ने इन सड़कों का कोई पर्यवेक्षण नहीं किया और उसमें गिरकर कोई मर गया तो उनपर 304-ए के तहत मुकदमा चलना चाहिए.

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'नो एक्सिडेंट डे' पर नहीं होती किसी की मौत
रवींद्र नायक ने कहा, 'जब हम नो-एक्सिडेंट डे मनाते हैं तो उस दिन एक भी दुर्घटना नहीं होती है. कम से कम कोई मौत नहीं होती है. इतना सिर्फ लोगों को जागरुक करने से हुआ है.' उन्होने कहा, 'साल में 16 हजार लोग एक्सिडेंट में मरते हैं. तो अगर जागरुकता से लोग बच सकते हैं तो लोग जागरुक हों, सख्ती से ट्रैफिक नियमों का पालन करें और एक्सिडेंट से बचें, हम तो यही कहेंगे.'

इंजीनियरों की दलील, ओवरलोडिंग के चलते टूटती हैं सड़कें
विभागीय इंजीनियर सरकार के इस तर्क को बिना शर्त मानने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि अगर सड़कें ओवरलोडिंग की वजह से टूटती हैं तो इसके लिए इंजीनियरों या ठेकेदारों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. अलग अलग सड़कों को लोड और तय मानकों के हिसाब से बनाया जाता है. लिहाजा इसकी जिम्मेदारी ट्रांस्पोर्ट विभाग की प्रवर्तन टीमों को निभानी होंगी. इसके बिना सड़क पर गड्ढे भरने की पूरी जिम्मेदारी उन पर डालना नाइंसाफी होगी.

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