यूपी की योगी सरकार प्रदेश के हर जिले में गायों की सुरक्षा के लिए हेल्प डेस्क बनाने की तैयारी में है. इस बीच सोशल मीडिया पर ये खबर फैल गई कि राज्य सरकार ने गौशालाओं में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने का भी निर्देश दिया है. साथ ही मास्क, ऑक्सीमीटर, थर्मल स्क्रीनिंग आदि को भी अनिवार्य कर दिया है. लेकिन जब आजतक की टीम ने इस खबर की पड़ताल की तो इसकी पूरी सच्चाई सामने आ गई.
दरअसल, यूपी में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में योगी सरकार सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित विभिन्न स्थानों पर हेल्प डेस्क स्थापित कर रही है. लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि सरकार गायों के लिए भी हेल्प डेस्क बना रही है. सोशल मीडिया पर खबर फैल गई कि "योगी सरकार इससे गौ रक्षा के एजेंडा को आगे ले जा रही है."
दावा किया जाने लगा कि गाय के शेल्टर हाउस सभी चिकित्सा उपकरणों जैसे थर्मल स्कैनर और ऑक्सीमीटर से लैस होंगे. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन दावों के बीच इंडिया टुडे ने इस तथ्य की जांच शुरू की. ऐसे किसी आदेश के बारे में जानकारी के लिए यूपी सरकार के शीर्ष अधिकारियों से बात की.
जांच में इन तथ्यों को इसे भ्रामक पाया गया. यूपी के ACS सूचना नवनीत सहगल ने इंडिया टुडे को बताया कि गायों के लिए ऑक्सीमीटर या थर्मल स्कैनर का उपयोग करने का ऐसा कोई आदेश नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वो निर्देश गौशालाओं में कर्मचारियों के लिए थे, न कि जानवरों के लिए. कर्मचारियों में कोरोना का संक्रमण न फैले इसके लिए मास्क, थर्मल स्क्रीनिंग आदि रखने को कहा गया है.