मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोतीपुर शुगर मिल में शनिवार दोपहर अचानक आग लग गई. बताया जा रहा है कि यह आग टरबाइन में लगी और टरबाइन सहित अन्य कई उपकरण इस आग में जलकर खाक हो गए. 7 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इस हादसे में एक इंजीनियर की मौत हो गई. आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है.
दरअसल मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र स्थित मोहद्दीनपुर शुगर मिल में अचानक शनिवार दोपहर में काला धुआं निकलने लगा. धुंए को देखकर आसपास के लोग और कर्मचारी चीनी मिल की तरफ भागे. तब पता चला कि वहां आग लगी है. मेरठ जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले की जांच करने के लिए करनाल से टीम आ रही है. इस टीम की जांच करने पर टीम तय करेगी कि मिल चालू हो सकता है या नहीं. अगर मिल चालू नहीं हो पाई तो किसानों का गन्ना दूसरे मिल पर ट्रांसफर किया जाएगा.
7 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत से पाया आग पर काबू
आग बुझाने के लगभग 7 गाड़ियां मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. अब अग्निशमन विभाग आग लगने के कारण और नुकसान की जांच में लगा है.
इंजीनियर की मौत
इसमें घायल इंजीनियर नरेंद्र कुशवाहा की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है.
टरबाइन सहित कई उपकरण झुलसे
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में रखे केमिकल के गोदाम में भी ड्रम रखे हुए थे. आग को बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. शुगर मिल में आग लगने से टरबाइन सहित कई उपकरण भी जल गए.
अब मिल चालू होगी या नहीं?
इस घटना के बारे में मेरठ के DM दीपक मीणा ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मिल के टर्बाइन में आग लगी थी. हादसे में एक इंजीनियर की मौत हुई है. करनाल से टीम आ रही है जो जांच करेगी की मिल चालू हो सकता है या नहीं. अगर मिल चालू नहीं हो पाई तो किसानों का गन्ना दूसरे मिल पर ट्रांसफर किया जाएगा.
दिल्ली में भी लगी भीषण आग
हाल ही में राजधानी दिल्ली से भी भीषण आग की खबर आई थी. चांदनी चौक के भगीरथ मार्केट में तमाम दुकानें जलकर खाक हो गईं. रात भर दमकल की 40 गाड़ियों ने आग बुझाने की कोशिश की. इस दौरान 150 से ज्यादा दुकान और 125 गोडाउन जलकर खाक हो गए. साथ ही 5 बिल्डिंग खत्म हो गईं. 3 दिन से यह बाजार बंद है और कारोबारी नाराज हैं. फायर ब्रिगेड के मुताबिक लगभग 3 दिन में दमकल विभाग की 250 से ज्यादा गाड़ी आग पर काबू पाने में जुटी हैं.