उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में देश की सबसे बड़ी फिल्म सिटी के निर्माण का ऐलान किया था. यूपी सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम अगले महीने शुरू होगा. इस परियोजना पर यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (वाईईआईडीए) के सीईओ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी डॉक्टर अरुण वीर सिंह की देखरेख में काम चल रहा है.
अरुण वीर सिंह के पास ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) का भी प्रभार है. अरुण वीर सिंह को यूपी के एयरपोर्ट मैन के रूप में भी जाना जाता है. फिल्म सिटी के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने वाली एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. यमुना प्राधिकरण ने एजेंसी चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है.
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जानकारी के मुताबिक डीपीआर बनाने वाली एजेंसी का चयन 14 दिसंबर को किया जाना है. इसके लिए टेक्निकल टेंडर 11 दिसंबर को खोला गया था. इस संबंध में यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉक्टर अरुण वीर सिंह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में शामिल कंपनियों ने प्रेजेंटेशन दे दिया है. उन्होंने बताया कि सोमवार से कंपनी का चयन किया जाएगा.
डीपीआर बनाते समय दुनियाभर की फिल्म सिटी का अध्ययन किए जाने की जानकारी देते हुए डॉक्टर सिंह ने बताया कि इससे यमुना प्राधिकरण में बनी फिल्म सिटी को सुंदर बनाया जा सके. डीपीआर तैयार करने में करीब दो महीने का समय लगेगा. यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉक्टर सिंह ने बताया कि फिल्म सिटी का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के आधार पर कराया जाएगा.
गौरतलब है कि हाल ही में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार ने 1000 एकड़ में देश की सबसे बड़ी फिल्म सिटी के निर्माण की घोषणा की थी. योजना के मुताबिक 1000 एकड़ में से 780 एकड़ भूभाग स्टूडियो स्थापित करने और अन्य कार्यों के लिए किया जाएगा. 280 एकड़ भूमि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराई जानी है.
बता दें कि मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में पिछले हफ्ते जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए गठित परियोजना निगरानी समिति की बैठक हुई थी. इस बैठक में दो रनवे के विस्तार पर चर्चा की गई थी. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दो रनवे के विस्तार के लिए ग्लोबल बिड के बाद ज्यूरिक एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी का चयन किया गया है.