नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए जमीन कम पड़ गई है. दरअसल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने वाली कंपनी ज्यूरिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी में अपना मास्टर प्लान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को सौंप दिया है. इस मास्टर प्लान के तहत एयरपोर्ट के पहले चरण को पूरा करने के लिए करीब 16 हेक्टेयर जमीन की और जरूरत पड़ेगी. अब यमुना विकास प्राधिकरण को 16 हेक्टेयर जमीन का इंतजाम करना है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा ड्रीम प्रोजेक्ट है, बता दें कि यमुना विकास प्राधिकरण जल्द ही 16 हेक्टेयर जमीन की खरीद प्रक्रिया शुरू कर देगा. प्राधिकरण को दिए गए मास्टर प्लान के मुताबिक यह जमीन कुरैब गांव के किसानों की है. यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों ने जमीन को लेकर किसानों से बातचीत की है. जानकारी के मुताबिक किसानों ने जमीन देने की सहमति दे दी है.
यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. जमीन अधिग्रहण के लिए नए कानून के सभी लाभ किसानों को दिए जाएंगे. किसानों को भरोसा दिलाया गया है कि उन्हें जमीन अधिग्रहण के नए कानून के सभी लाभ दिए जाएंगे.
इसके बाद किसान जमीन देने के लिए राजी हो गए हैं. गौरतलब है कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए 1365 हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ेगी जिसकी प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी.