उत्तर प्रदेश के महराजगंज में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया है. जानकारी के मुताबिक राजस्व विभाग के वैरिफिकेशन में ऐसे लोग भी सम्मान निधि की किस्त ले रहे हैं, जिनके नाम पर जमीन का एक टुकड़ा भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज नही है. दरअसल, जिले में 5,20,231 किसान सम्मान निधि के लिए रजिस्टर्ड हैं. जिनका कृषि विभाग के प्रस्ताव पर राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन कराया जा रहा है. इस वैरिफिकेशन मेंकई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. जानकारी के मुताबिक मृतकों के खाते में भी सम्मान निधि की क़िस्त पहुंच रही है.
राजस्व विभाग के वैरिफिकेशन में लाभार्थी के नाम के साथ-साथ उनके पिता का नाम, गाटा संख्या का मिलान किया जा रहा है, दरअसल, सरकार को ये शिकायत मिली थी कि प्रदेश में लाखों किसान ऐसे हैं, जिनके खाते में अधूरे रिकॉर्ड के बावजूद सम्मान निधि की क़िस्त प्रॉपर रूप से पहुंच रही है. इनमें कुछ नाम ऐसे हैं, जिनके नाम से राजस्व अभिलेख में एक इंच भी भूमि दर्ज नहीं है.
कृषि विभाग की ओर से अब तक 18887 अपात्र किसानों का डाटा सार्वजनिक किया जा चुका है. इसमें 2825 इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले किसान हैं, जबकि 67 लोगों की मौत हो चुकी है. 13484 किसानों का खाता गलत है. तो वहीं 1102 लोगों ने गलत आधार कार्ड लगा रखा है. जबकि 1409 अन्य कारणों से अपात्र पाए गए हैं, लेकिन ये सब आंकड़े नए वैरिफिकेशन के पहले के हैं. ये अनुमान लगाया जा रहा है कि जैसे-जैसे सत्यापन की प्रक्रिया बढ़ेगी, कई चौंकाने वाले खुलासे होंगे.
डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि किसान सम्मान निधि में अंकित खेती की जमीन का पुनर्सत्यापन चल रहा है. 50 फीसदी के करीब किसानों की फीडिंग पोर्टल पर कर दी गई है, शेष किसानों की भी फीडिंग पोर्टल पर कर दी जाएगी. किसानों से निवेदन है कि वो अपनी E-KYC करा लें, ताकि अगली क़िस्त उनके खातों में जा सके. वैरिफिकेशन के बाद जो लोग बच जाएंगे, उनकी दोबारा से जांच की जाएगी और जो तथ्य सामने आएंगे. शासन से प्राप्त निर्देशों के बाद उन पर कार्रवाई की जाएगी.
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