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मेंढक बना दूल्हा और मेंढकी दुल्हन, गोरखपुर में हुई अनोखी शादी

बारिश को लेकर तरह-तरह के टोटके अपनाए जा रहे हैं. इसको लेकर गोरखपुर में विश्व हिंदू महासंघ के लोगों ने रीति-रिवाज से मेंढक और मेंढकी की शादी कराई. मेंढक दूल्हा बना तो मेढकी दुल्हन.

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मेंढक और मेंढकी की शादी
मेंढक और मेंढकी की शादी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भगवान इंद्र को खुश करने के लिए कराई गई शादी
  • बारिश के लिए किया गया अजब टोटका

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक अनोखी शादी हई. इस शादी में दूल्हा मेंढक और दूल्हन मेंढकी को बनाया गया था. विश्व हिंदू महासंघ के लोगों ने मंत्रोच्चारण के साथ पूरी रीति-रिवाज से मेंढक और मेंढकी की शादी कराई. इस विवाह के पीछे भी अजब टोटका है.

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इन दिनों उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में बारिश ना होने से सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है. ऐसे में स्थानीय लोग अलग-अलग तरीके के टोटके कर भगवान इंद्र और वरुण देव को खुश करने के लिए पूजा-पाठ कर रहे हैं, ताकि बरसात हो. मान्यता है कि मेंढक और मेंढकी का विवाह कराने से इलाके में अच्छी बारिश होती है. बारिश होने से किसान के चेहरे खिल उठते हैं.

गोरखपुर शहर के रेती पर स्थित कालीबाड़ी मंदिर पर विश्व हिंदू परिषद ने मेंढक और मेढकी की रीति रिवाज और मंत्रोच्चार से शादी कराई. दुल्हन मेंढकी और दूल्हा मेंढक दोनों तरफ से बाराती आए. मेंढक और मेंढकी को हल्दी-चंदन लगाया गया. इसके बाद दोनों की धूमधाम से शादी हुई.

विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रभारी (गोरखपुर) राधा कांत वर्मा ने बताया कि मॉनसून में सामान्य तौर पर 15 जून से बारिश होती है. हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस बार बारिश के आसार नहीं हैं. खेत सूखे पड़े हुए हैं. ट्यूबवेल से सिंचाई करना किसान के लिए महंगा सौदा है. ऐसे में इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए कालीबाड़ी मंदिर में मेंढक-मेंढकी की रीति रिवाज से से शादी कराई गई.

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