यूपी में 'खाकी' और 'खादी' की रसूख का कहर जारी है. अपने रसूख से रंगे नेता और पुलिस तो वारदात को अंजाम देते ही आए हैं, लेकिन इस बार उनकी परंपरा को उनकी ही अगली पीढ़ी ने आगे बढ़ाया है. जी हां, यूपी के बदायूं और मैनपुरी की दो अलग-अलग घटनाओं में नाबालिग लड़कियों के आबरू लूटने की सनसनीखेज घटना सामने आई है. इसे अंजाम एक सपा नेता और पुलिसवाले के बेटे ने दिया है.
बदायूं में एक दलित नाबालिग लड़की को अगवा कर गैंगरेप किया गया. इसके बाद आरोपी पीड़िता को एक गांव में छोड़कर फरार हो गए. इस मामले में पुलिस ने सपा नेता के बेटे सहित तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है. वहीं, मैनपुरी में शौच के लिए घर से निकली एक लड़की को रास्ते से खींच कर खेत में एक हैवान ने रेप किया. उसे अधमरी हालत में छोड़कर फरार हो गया.
जंगल में ले जाकर किया गैंगरेप
जानकारी के मुताबिक, बदायूं के थाना कादरचौक के एक गांव की नाबालिग दलित किशोरी खेत गई थी. इसी दौरान गांव के ही सपा नेता के बेटे ने अपने तीन साथियों के साथ उसे अगवा कर लिया. उसे जंगल में ले जाकर उसका गैंगरेप किया. इसके बाद उसे एक गांव में छोड़कर फरार हो गए. बदहाल पीड़िता किसी तरह अपने ममेरे भाई के घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी.
सपा नेता के बेटे के खिलाफ केस दर्ज
परिजनों थाने में तहरीर देकर सपा नेता टेकचंद्र पाल के बेटे ओमेंद्र, उसके साथी नरेंद्र, सुरेंद्र के खिलाफ केस दर्ज कराया है. पुलिस ने पीड़ित दलित किशोरी का गैंगरेप का केस दर्ज करके उसे मेडीकल के लिए महिला अस्पताल भेजा है. आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दी जा रही है, लेकिन एक भी आरोपी अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं. परिजन मामले में राजनीतिक दबाव की बात कह रहे हैं.
अगले पेज पर क्लिक करके पढ़ें: मुलायम के गढ़ में पुलिसवाले के बेटे ने लूटी अस्मत...{mospagebreak}
मैनपुरी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का गढ़ माना जाता है. यहां एक नाबालिग दलित लड़की के साथ रेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पीड़ित लड़की बीती रात अपनी भाभी के साथ शौच के लिए गई थी. रास्ते में रहीस नामक के एक शख्स ने उसे खेत में खींच लिया. उसके साथ रेप करके फरार हो गया. पीड़िता ने परिजनों से घटना के बारे में अवगत कराया, थाने में शिकायत की गई.
अपराधियों जैसा सलूक कर रही पुलिस
पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में कार्रवाई करने की बजाए उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक कर रही है. आरोपी का पिता थाने में चौकीदार है. इसलिए पीड़िता को थाने में ले जाकर धमका रही है. एसपी ने मामले का संज्ञान लेते हुए सीओ से जांच कराने के बाद कार्यवाही का भरोसा दिया है. लेकिन परिजनों का आरोप है कि लोकल पुलिस ने केवल छेड़खानी का केस दर्ज किया है.
दोषी को बख्शा नहीं जाएगा
एसपी उदयशंकर जायसवाल ने बताया की इस मामले में आईपीसी की धारा 354 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. लड़की को मेडिकल के लिए भेजा गया है. मेडिकल रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएगा. उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. पीड़िता को धमकाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीओ को जांच सौप दी गई है. जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा.