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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: गोरखपुर से नामांकन नहीं कर पाए SP उम्मीदवार, पार्टी बोली- किया गया अपहरण

गोरखपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन में सिर्फ बीजेपी प्रत्याशी का ही नामांकन हो पाया. बीजेपी ने विधायक और पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह की पत्नी साधना सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है.

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समाजवादी पार्टी
समाजवादी पार्टी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गोरखपुर से नामांकन नहीं कर पाए SP उम्मीदवार
  • उम्मीदवार आलोक गुप्ता का किया गया अपहरणः SP
  • सपा का प्रशासन और बीजेपी पर दबंगई करने का आरोप

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन में सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रत्याशी का ही नॉमिनेशन हो पाया. बीजेपी ने पार्टी के विधायक और पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह की पत्नी साधना सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है. समाजवादी पार्टी (सपा) ने आलोक गुप्ता को टिकट दिया था और आज शनिवार को नामांकन की तारीख थी. लेकिन सपा उम्मीदवार के नामांकन नहीं करने को लेकर पार्टी ने आरोप लगाया है कि उनका अपहरण कर लिया गया था.

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सुबह 11 बजे से 3 बजे तक ही नामांकन होना था. बीजेपी समर्थक बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद थे. इस बीच साधना सिंह ने नामांकन किया, लेकिन सपा प्रत्याशी आलोक गुप्ता नामांकन करने नहीं आए और न सपा नेताओं का उनसे संपर्क हो सका.

ऐसे में आनन-फानन में सपा ने जितेंद्र यादव को प्रत्याशी बनाकर नामांकन कराना चाहा. सपा जिलाध्यक्ष नगीना साहनी जब प्रत्याशी बनाए गए जितेंद्र यादव को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे तो बीजेपी समर्थकों से कहासुनी शुरू हो गई. झड़प की वजह से सपा प्रत्याशी अपना नामांकन ही दाखिल नहीं कर सके.

सपा का आरोप है कि उनके घोषित प्रत्याशी आलोक गुप्ता का अपहरण कर लिया गया जिसकी वजह से वह नहीं आए जबकि दूसरे प्रत्याशी को नामांकन नहीं करने दिया गया. सपा ने प्रशासन और बीजेपी पर दबंगई करने का आरोप लगाया है.

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