नोएडा-ग्रेटर नोएडा अथॉरिटीज से आवंटित संपत्ति की बकाया धनराशि पर ब्याज से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अथॉरिटी ने बकाएदारों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. बकाया भुगतान न देने वाले आवंटियों के आवंटन रद्द किए जाएंगे. गुरुवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी ने ग्रेनो प्राधिकरण दफ्तर में संपत्ति से जुड़े सभी विभागों की समीक्षा की.
सीईओ ने बिल्डर विभाग को निर्देश दिए कि किस्तें डिफॉल्ट होने के बाद जिन बिल्डरों को नोटिसें भेजी जा चुकी हैं, उनके आवंटन शीघ्र रद्द कर दिए जाएं. आवंटन रद्द होने से प्राप्त भूखंड स्कीम लाकर आवंटित किए जाएंगे.
तमाम लोगों पर हजारों करोड़ रुपये का बकाया
बता दें कि बिल्डरों पर अथॉरिटी का करीब 14 हजार करोड़ रुपये बकाया है. इसी तरह औद्योगिक भूखंड आवंटियों पर करीब 500 करोड़ रुपये बकाया है. कॉमर्शियल भूखंडों के आवंटियों पर 4000 करोड़ रुपये और आईटी के आवंटियों पर 1000 करोड़ रुपये बकाया है. करीब 2100 करोड़ रुपये संस्थागत के आवंटियों पर बकाया है. प्राधिकरण की तरफ से अधिकांश बकाएदारों को नोटिसें जारी की जा चुकी हैं. ऐसे में एक सप्ताह में भुगतान न देने पर इनके आवंटन निरस्त किए जाएंगे.
इस माह के अंत तक आएंगी भूखंड योजनाएं
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी ने सभी विभागों से इस माह के अंत तक भूखंडों की स्कीमें लाने के निर्देश दिए हैं. गुरुवार को समीक्षा के दौरान नई स्कीमों के नियम-शर्तों पर भी चर्चा हुई. इनके ब्रोशर को भी अंतिम रूप दिया गया. आने वाले दिनों में औद्योगिक, संस्थागत, वाणिज्यिक व ग्रुप हाउसिंग के भूखंडों की स्कीम लॉन्च की जाएंगी. सीईओ ने इस मामले में सभी अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों व विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं. बैठक में एसीईओ अदिति सिंह, एसीईओ दीप चंद्र, एसीईओ प्रेरणा शर्मा, एसीईओ अमनदीप डुली व एसीईओ आनंद वर्धन समेत सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे.