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ज्ञानवापी: 'वजूखाने में मिले शिवलिंग में जड़ा था हीरा, कब्जे के बाद निकाला गया था', हिंदू पक्ष का दावा

Gyanvapi Survey Case: हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन का दावा है कि वजूखाने में जो शिवलिंग मिला उसमें हीरा जड़ा गया था, जिसे कब्जे के बाद निकाल लिया गया, इसी वजह से शिवलिंग पर ऊपर की ओर दरार दिख रही हैं

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ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग मिलने का दावा
ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग मिलने का दावा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन का दावा
  • बोले- मैंने 274 पेजों की रिपोर्ट SC को दे दी

वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. इससे पहले आजतक ने हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन से बात की. इस दौरान उन्होंने दावा किया कि वजूखाने में जो शिवलिंग मिला उसमें हीरा जड़ा गया था, जिसे कब्जे के बाद निकाल लिया गया, इसी वजह से शिवलिंग पर ऊपर की ओर दरार दिख रही हैं.

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हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने कहा, 'मैंने सुप्रीम कोर्ट में सबूतों के साथ 274 पेज का डॉक्यूमेंट जमा कर दिया है, जिसके आधार पर आज सुनवाई होगी. इस डॉक्यूमेंट में काशी क्या है? काशी का महत्व क्या है? की जानकारी है. काशी एक धार्मिक नगरी है, जिसे भगवान शिव ने बसाया था. पुराणों और शास्त्रों में इसका जिक्र है.'

आजतक से बात करते हुए हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने कहा, 'मैंने कोर्ट को बताया है कि कैसे औरंगजेब आया और मंदिरों को विध्वंस करके गया था, हालांकि वह पूरा मंदिर विध्वंस नहीं कर पाया था और मंदिर के सेवार्थी हैं वह लगातार पूजा करते रहे.' तस्वीरों को दिखाते हुए हरिशंकर जैन ने बताया कि मस्जिद की पश्चिमी दीवार पर मंदिर की कलाकृतियां हैं.'

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'मस्जिद के गुम्बद के नीचे पुराने मंदिर की शिखा'

हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने कहा, 'पुराने मंदिर के ऊपर ही गुम्बद रख दिया गया है. हमने गुम्बद के बारे में भी रिपोर्ट किया है, इसके नीचे मंदिर की शिखा है. इसकी मेरे पास तस्वीर भी है.'

हरिशंकर जैन ने दावा किया, 'मेरी जानकारी के मुताबिक जो ओरिजनल शिवलिंग था, वहां पर हीरे रखने की जगह बनी हुई थी. शिवलिंग के ऊपर जो स्थान बना है, वह हीरे रखने की जगह है. फव्वारे की बात तो लोगों को बेवकूफ बनाने की बात है. शिवलिंग के ऊपर हीरे रखने की जगह है, जहां से हीरे गायब हैं और यह पूरा-पूरा शिवलिंग है.'

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सर्वे रिपोर्ट में प्राचीन मंदिर की मौजूदगी का इशारा

इससे पहले कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने 12 पन्नों की सर्वे रिपोर्ट को कोर्ट में सब्मिट कर दिया था. सर्वे टीम की रिपोर्ट में जो कुछ कहा और बताया गया है वो प्राचीन मंदिर की मौजूदगी का इशारा करता है. स्पेशल सर्वे कमिश्नर विशाल सिंह की रिपोर्ट में कहा गया कि यहां शिवलिंग मौजूद है, यहां डमरू के चिन्ह, स्वस्तिक के निशान, कमल के फूल और त्रिशूल के चिन्ह हैं.

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इस रिपोर्ट में कथित शिवलिंग के बारे में कहा गया, 'पानी को पंप से निकलवाकर उसके एक छेद को अंदर से बंद करवाया गया. ताकि कुंड का पानी गोलाकार घेर के अंदर ना आ सके. गोलाकार घेरे के अंदर से सफाई कर्मियों द्वारा पूरा पानी निकलवा देने पर नीचे ओवल शेप आकार की आकृति मिली.' इसी आकृति को हिंदू पक्ष शिवलिंग बता रहा है.

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सर्वे रिपोर्ट में कई अहम दावे

रिपोर्ट के एक पेज पर कहा गया, 'तहखाने की दीवार पर पान के पत्ते के आकार की फूल की आकृति बनी थी, जिसकी संख्या 6 थी. तहखाने में 4 खंबे पुराने तरीके के थे, जिनकी ऊंची 8 फीट थी, नीचे से लेकर ऊपर तक घंटी, कलश और फूल की आकृति खंभों के चारों ओर बनी थी. एक खंभे पर पुरातन हिंदी भाषा में सात लाइनें खुदी हुई थीं.'

रिपोर्ट में पेज नंबर-3 पर कहा गया, 'पश्चिमी दीवार यानी विवादित स्थल पर हाथी के सूड़ की टूटी हुई कलाकृतियां, दीवार के पत्थरों पर स्वास्तिक, त्रिशूल और पान के चिन्ह जैसी आकृतियां खुदी हुई हैं. इसके साथ ही घंटियों जैसी कलाकृतियां खुदी हुई हैं. ये सब कलाकृतियां प्राचीन भारतीय मंदिर शैली के रूप में प्रतीत होती हैं.' 

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रिपोर्ट के मुताबित सर्वे में गुम्बद के अंदर पत्थर पर फूल, पत्नी और कमल के फूल की कलाकृति मिली. मस्जिद की अंदरूनी दीवार पर त्रिशूल की आकृति पत्थर पर खुदी हुई पाई गई. बगल में स्वस्तिक की आकृति खुदी पाई गई. हिंदू मंत्र खुदे होने का भी दावा किया गया, लेकिन ये सब अभी बस दावे ही हैं.

 

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