वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे का काम पूरा हो गया है, लेकिन अब कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र और विशाल सिंह ही आमने-सामने आ गए हैं. कोर्ट ने मंगलवार को अजय कुमार मिश्र को हटा दिया था. इसके बाद अजय कुमार मिश्र ने आरोप लगाया था कि विशाल सिंह की शिकायत पर मुझे हटाया गया था. इन आरोपों को विशाल सिंह ने खारिज कर दिया था.
आज आजतक पर अजय कुमार मिश्र और विशाल सिंह का आमना-सामना हुआ. इस दौरान अजय कुमार मिश्र रोने लगे. वहीं विशाल सिंह ने कहा कि मैंने अजय कुमार मिश्र को हटाने के लिए कोई टीका-टिप्पणी नहीं की, बस स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कहा था, कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या-4 की शिकायत पर अजय कुमार मिश्र को हटाया गया है, क्योंकि उनके साथ के लोग जानकारी लीक कर रहे थे.
कैमरे के सामने रोने लगे अजय कुमार मिश्र
इस दौरान भावुक होते हुए अजय कुमार कुमार मिश्र ने कहा कि मैं उनके (विशाल सिंह) के आरोपों से दुखी हूं और आत्मा से कष्ट है कि उन्होंने मेरे साथ ऐसा किया, मेरे मान-सम्मान से खिलवाड़ किया गया, मैंने पूरी ईमानदारी से काम किया है, मैंने बड़ा भाई मानकर उनकी हर बात मानी, लेकिन मुझे बिना बताए ही कोर्ट में आरोप लगाया कि मैं इनका असहयोग कर रहा हूं.
आंखों में आंसू लिए हुए पूर्व कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार कुमार मिश्र ने कहा, 'जिनके आदेश पर मैं कल 12 बजे तक रिपोर्ट तैयार कर रहा था, उन्होंने (विशाल सिंह) ही कोर्ट में जाकर कहा कि मैं असहयोग कर रहा हूं, मैं आत्मा से दुखी हूं, मैंने कल भी खाना नहीं खाया और आज भी खाना नहीं खाया, ईमानदारी से काम करने का यह नतीजा मिला है.'
पूर्व कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार कुमार मिश्र ने आजतक से कहा, 'चाहे वादी पक्ष हो या फिर प्रतिवादी, कोई भी कह दे कि मैंने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया, मैं मुस्लिम पक्ष से दुखी नहीं हूं, लेकिन मेरे बड़े भाई होकर उन्होंने (विशाल सिंह) मेरे ऊपर इतना बड़ा आरोप लगाया है, उससे मेरी आत्मा को कष्ट है, यह अपने होकर मेरे ऊपर ऐसा आरोप लगाए हैं.'
अजय मिश्र के आरोपों पर विशाल सिंह ने दिया जवाब
इसका जवाब देते हुए विशाल सिंह ने कहा, 'यह उनको गलतफहमी है कि मैंने उन पर आरोप लगाया, जबकि प्रतिवादी संख्या-4 द्वारा उनके टीम के एक कैमरामैन पर आरोप लगाया है, ओपन कोर्ट में आरोप लगाया गया, मैं पहले कहा था कि थोड़ा सहयोग नहीं हो पा रहा है, लेकिन बाद में कहा था कि ठीक है काम किया जाएगा.'
विशाल सिंह ने कहा, 'ऐसा नहीं कि कोर्ट ने इन्हें हटा दिया है, 6 और 7 तारीख की रिपोर्ट यह (अजय कुमार मिश्र) देंगे और 14-15-16 की रिपोर्ट मैं दूंगा. इसमें क्या बुराई है. वो मेरे छोटे भाई हैं, उनको गलतफहमी है, यह केवल कमीशन की कार्यवाही निष्पक्ष तरीके से करने के लिए किया गया था, उनको समझने में कंफ्यूजन हो गई है.'
विशाल सिंह ने कहा, 'सर्वे को लेकर कोई तनातनी नहीं हुई है, इनके जो प्राइवेट कैमरामैन थे, उन्होंने गलती की थी, इन्होंने (अजय कुमार मिश्र) कोई गलती नहीं की थी. वो हमारे भाई की तरह हैं, हमेशा भाई रहेंगे, यह छोटी से गलतफहमी है, जिसका जल्दी सुलझाकर हम साथ में रिपोर्ट दाखिल करेंगे.'
अजय कुमार मिश्र बोले- विशाल सिंह ने मेरा दर्द नहीं देखा
विशाल सिंह का जवाब सुनकर अजय कुमार मिश्र ने कहा, 'किसी विपक्षी नहीं, जो मुझे भाई कह रहे हैं उनकी शिकायत पर ही मुझे हटाया गया है, तो कृपया मुझे क्षमा कर दें, मुझे सामान्य रूप से जीने दे, मैं सामान्य आदमी हूं, आत्मा में कष्ट होता है तो रोना आता ही है, विशाल सिंह ने मेरा दर्द नहीं पूछा और बिना मुझसे कहे मेरे ऊपर आरोप लगा दिया.'
इस पर विशाल सिंह ने कहा, 'मैंने उनकी कोई शिकायत नहीं की है, उनको सच्चाई पता नहीं है, वो गलतफहमी का शिकार हैं, सच्चाई कुछ और है, आप द्वारा कोई कैमरामैन बनाया जाता है और वह खुले तौर बयान देता है तो निष्पक्षता पर सवाल उठता है, हम उनको समझाएंगे, वह कोर्ट कमिश्नर नियुक्त हुए थे, न कि घर की कोई चीज.'
फिर इसका जवाब देते हुए पूर्व कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार कुमार मिश्र ने कहा, 'मैं बच्चा नहीं हूं, मुझे कोर्ट के बारे में सब पता है, मेरे ऊपर कार्रवाई विशाल सिंह की शिकायत पर हुई है, वो लोग रिपोर्ट सौंपे, मुझे रहने दें, मुझे अकेले रहने दे, वह मेरे बड़े भाई हैं, मैं उनके खिलाफ कैसे जाऊंगा, इसका कोई सवाल ही नहीं उठता है.'
आखिरी में विशाल सिंह ने कहा कि उनको गलतफहमी हुई है, हम साथ में बैठकर एक-दूसरे को समझा लेंगे.'