14 सितंबर को उत्तर प्रदेश के हाथरस में जिस खेत में दलित लड़की के साथ दिल दहलाने वाली वारदात हुई थी, उस खेत का मालिक एक किसान है और वो इन दिनों परेशान है.
खेत के मालिक सोम सिंह ने बताया कि उसकी फसल बर्बाद हो गई है. इसकी वजह ये है कि प्रशासन ने खेत में सिंचाई करने और कटाई करने से मना कर दिया था ताकि सबूतों के साथ छेड़छाड़ न हो सके, और न ही कोई सबूत नष्ट हो जाए. अब सोम सिंह ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.
पीड़िता सोम सिंह के ही खेत में घायल अवस्था में मिली थी. पीड़ित परिवार का दावा है कि लड़की के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई. हालांकि पीड़िता के साथ रेप की पुष्टि अबतक नहीं हो पाई है.
इस खेत में किसान सोम सिंह ने बाजरा बोया हुआ था. बाजरे की फसल बड़ी हो गई थी और इसमें दाने भी निकलने लगे थे. 14 सितंबर को वारदात के बाद से इस खेत में प्रशासन ने पटाई और कटाई का काम बंद कर दिया.
सोम सिंह के 8 बीघा खेत में बाजरे की बुआई हुई थी. वारदात के बाद से स्थानीय पुलिस के बाद SIT और सीबीआई की टीम कई बार खेत में गई जहां वारदात हुई थी.
बार बार लोगों के जाने की वजह से भी फसल को नुकसान पहुंचा है. किसान सोम सिंह का कहना है कि कटाई पर रोक लगी हुई है हमारा पूरा परिवार खेती पर निर्भर है, ऐसे में हमारे नुकसान की भरपाई प्रशासन करे.
बता दें कि इसी खेत के मालिक सोम सिंह का छोटा भाई विक्रम उर्फ छोटू वारदात के बाद सबसे पहले वहां पहुंचा था, उस से सीबीआई पूछताछ कर चुकी है.