हाथरस कांड के पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) कनेक्शन की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की विशेष यूनिट ने शुरू कर दी है. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने की साजिश की भी जांच की जा रही है. शुरुआती जांच के मुताबिक, चार लड़के और 'भाभी', पीड़िता के घर में मौजूद थे.
बताया जा रहा है कि चारों लड़कों के पास आईफोन था, जो लगातार कहीं बातें करते थे. पीड़िता के घर के बगल के कमरे में हजारों पानी की बोतलें रखी गई थी, ताकि मीडिया और दूसरे लोगों को पानी पिलाया जा सके. परिवार की स्थिति को देखकर ऐसा नहीं लगता कि परिवार मीडिया के लिए ऐसे इंतजामों में सक्षम था.
पीएफआई से जुड़े चार संदिग्ध मथुरा टोल प्लाजा पर पकड़े गए थे. अब एसटीएफ इस बात की जानकारी जुटा रही है कि घर के भीतर रहने वाले लड़के, तथाकथित परिवार की भाभी और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले लोगों का कोई कनेक्शन था या नहीं. साथ ही मथुरा में पकड़े गए चार लड़कों का रोल क्या था?
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एसटीएफ जांच से इतर हाथरस कथित गैंगरेप केस में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच जारी है. सीबीआई टीम ने मंगलवार को पीड़ित परिवार से एक घंटे तक पूछताछ की. पीड़िता के बड़े भाई ने बताया कि वह घटना के समय घर पर था. इस दौरान सीबीआई ने पीड़िता के भाई से पूछा कि घटना के दिन वह कौन से कपड़े पहने हुए थे?
वहीं, पीड़िता के भाई का कहना है कि चश्मदीद विक्रम उर्फ छोटू गलत बयान दे रहा है. भाई का कहना है कि छोटू बाद में घटना स्थल पर पहुंचा था. पीड़िता के भाई ने कहा कि विक्रम उर्फ छोटू को वह जानते हैं और वह उन्हें घर बुलाने आया था.