
Heavy Rainfall In UP: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कई दिनों से लगातार बारिश जारी है. कई नदियां उफान पर हैं. सैंकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. खेतों में खड़ी फसलें भी खराब हो रही हैं. स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बाढ़ प्रभावित कई जिलों का दौरा किया है और हालात का जायजा लिया है.
गोंडा के सैकड़ों गांवों में बाढ़, लोग बेहाल
गोंडा में बाढ़ ने जिले के 110 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है. घाघरा नदी खतरे के निशान से 128 सेमी ऊपर बहने लगी है. तरबगंज तहसील के किनारे के गावाों में हाहाकार मचा है. पानी का फ्लो इतना तेज है कि उसने नवाबगंज थाने के ढेमुआघाट पुलिस चौकी कटान की जद में आ चुकी है. अगर पानी का बहाव ऐसे ही रहा तो यह पुलिस चौकी इतिहास बन जाएगी.
गोंडा सदर तहसील के रुपईडीह ब्लॉक के गांवरिया अनन्तपुर के गांवों में बाढ़ के पानी ने तबाही मचा दी है. ग्रामीणों का आरोप है कि इस मुसीबत की घड़ी में लोगों का हाल जानने कोई नहीं आया. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने फोन पर बताया कि जिले के 3 तहसीलों गोंडा सदर तहसील के 79 गांव तरबगंज के 28 व करनैलगंज के 3 गांव में बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे हैं. करीब 1 लाख से अधिक आबादी बाढ़ की परेशानी से बेहाल है. राहत व बचाव का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. नाव ही लोगों के आवागमन का सहारा है.
बाराबंकी में बाढ़ से हालात खराब
यूपी के बाराबंकी में बाढ़ से हाल बेहाल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई सालों बाद इतनी भयानक बाढ़ आई है. जिले की तीन तहसील के सैकड़ो गांव बाढ़ की चपेट में है. बाढ़ पीड़ितों का जिंदगी जीना दुश्वार हो गया है.हर तरफ पानी भरा हुआ है. एक तरफ सड़कों पर सैलाब है तो खेतो में खड़ी फसल बर्बाद हो गई है. वही, परेशान ग्रामीण अपना नया आशियाना बंधे पर बनाने में लगे हैं.बाराबंकी मे सरयू नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है और लाल निशान से लगभग सवा मीटर ऊपर बह रही है.
एटा में फसल हुई जलमग्न
चार दिनों से हो रही बरसात में किसानों की धान, बाजरा और लाह की फसल पानी में डूब गईं हैं. धान की फसल तो पकने को तैयार थी लेकिन अत्याधिक बरसात के कारण खेत में ही बिछ गई है. जिसके चलते किसानों का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है. एटा के जलेसर के कृषक भानु प्रताप सिंह का कहना है कि पहले तो सूखे के कारण ज्यादा अच्छी फसल नहीं हो पा रही थी. लेकिन जितनी भी फसल हुई वह अब अंत में आकर अत्याधिक बरसात के कारण बर्बाद हो गई है.आलम यह है कि बरसात के चलते हम बर्बादी की कगार पर आ गए हैं. यहां के किसानों ने सरकर से अपील करते हुए कहा कि सरकार फसल के नुकसान का आकलन करें और हम को उचित मुआवजा प्रदान करें.
बाढ़ और बारिश ने मुरादाबाद में फसलों को किया बर्बाद
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बारिश के चलते कोसी नदी और रामगंगा के जलस्तर ने 9 से अधिक गांवों में लोगो के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया है. मुरादाबाद के कई गांवों में पानी सड़को पर आ चुका है. जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बारिश के कारण बाढ़ प्रभावित गांवों-हीरापुर, चक लालपुर, रजौड़ा, लालपुर तितरी, भीतखेड़ा, जैतपुर विसाहत, ब्लॉक मुंडापांडे, तहसील मुरादाबाद के क्षेत्रों का निरीक्षण किया और मदद का आश्वासन दिया.
पीलीभीत में लोग कर रहे हैं त्राहिमाम
जनपद पीलीभीत में 5 दिन हुई लगातार बरसात से जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. जिले में कई क्षेत्रों में पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को जीवन यापन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा. ऐसे में जिले के समाजसेवियों के साथ-साथ पुलिस भी लोगों के बीच पहुंच रही है.
गोरखपुर के 5 तहसीलों के कई गांव प्रभावित
लगातार पांच दिनों से हो रही बारिश से गोरखपुर जनपद भी बाढ़ की चपेट में आ चुका है.आपदा प्रबंधन अधिकारी गौतम गुप्ता की मानें तो बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन की पूरी तैयारी हो चुकी है. वो अपनी टीम के साथ लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों को मॉनिटर कर रहे हैं. सहजनवां तहसील के कोलिया गांव में घुटने तक के पानी में निकलकर लोग अपनी ज़रूरतों को पूरा कर रहे है. यहां किसानों की फसलें डूब चुकी हैं. जानवर और मवेशियों को लेकर लोग बांधों पर रहने को मजबूर हो गए हैं.
रामपुर मे कोसी नदी उफान पर,फसलें हुई जलमग्न:
उत्तराखंड के पहाड़ों में हुई बरसात की कीमत अब मैदानी क्षेत्र के किसानों को भुगतनी पड़ रही है.अपने खून पसीने की कमाई से उगाई गई फसलों पर पानी फिरता हुआ देखने को किसान मजबूर हैं. किसान तो सरकार की तरफ से मदद की आस लगाए हैं. उधर प्रशासन भी दावा कर रहा है कि किसानों के हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी. हालांकि अभी तक किसानों को सहायता तो दूर सांत्वना देने वाला भी कोई नहीं पहुंचा है. उत्तराखंड के रामनगर बैराज से छोड़ा हुआ पानी सैलाब की शक्ल में आया है और रामपुर जिले के गांव के गांव, स्कूल डूब गए हैं और किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं.
कौशाम्बी:भारी बारिश से किसानों की हजारों बीघे फसल बर्बाद
यूपी के कौशांबी में कई दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश अब किसानों के लिए मुसीबत बन गई है.भारी बारिश के चलते किसानों की हजारों बीघे फसल बर्बाद हो रही है. बारिश की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसलों को हो रहा है. बारिश के चलते किसानों के धान की फसलों मे पानी भर गया है.अधिक बारिश और तेज हवा के चलते खेत में खड़ी फसलें गिर गईं हैं. किसानों का कहना है कि यदि बारिश नहीं रुकी तो बर्बादी का सिलसिला और भी बढ़ जाएगा.किसान बारिश से बर्बाद फसलों के लिए सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं. लेकिन वाह चाहकर भी कुदरत के कहर से फसलों को बचाने का कोई उपाय भी नहीं कर पा रहे हैं. कौशांबी के कृषि उपनिदेशक उदय भान सिंह गौतम ने बताया कि जिले में अभी तक महज 15 से 20 फ़ीसदी धान की फसल बर्बाद हुई है.यह अगेती फसल है.यदि बारिश नहीं थमी तो फसल और भी ज्यादा नष्ट हो सकती है.
महराजगंज मे लगातार हुई बारिश से बाढ़ जैसे हालात,कई नदियां उफान पर
उतर प्रदेश के महराजगंज जिले में विगत दिनों हुई मुशलाधार बारिश से जिले में बाढ़ जैसे हालात हैं.चंदन,गंडक,नारायणी जैसी नदियां उफान पर हैं.वहीं नेपाल से निकलने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. बाढ़ को लेकर जिला प्रसाशन हाई अलर्ट पर है.बेमौसम हुई बारिश में किसानों की फसलें डूब गई हैं.एक तो मॉनसून देर से आने की वजह से पहले ही फसल खराब थी.अब बेमौसम बारिश ने किसानों पर दोहरी चोट की है.किसानों का मानना है कि मुनाफा तो दूर लागत निकलना भी मुश्किल हो गया है.
( गोंडा से अंचल श्रीवास्तव,बाराबंकी से रेहान मुस्तफा, एटा से देवेश पाल सिंह, मुरादाबाद से जगत गौतम, पीलीभीत से सौरभ पांडेय, गोरखपुर से रवि गुप्ता, रामपुर से आमिर खान, कौशांबी से अखिलेश और महाराजगंज से अमितेश के इनपुट के साथ )