उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जमकर एक-दूसरे पर हमले कर रही हैं. बीएसपी प्रमुख मायावती ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि पीएम मोदी अपने नेताओं कि तरह घटिया और निजी राजनैतिक हमलों पर उतर आये हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि 'पीएम मोदी ये ना भूलें कि वह खुद भी दूध के धुले नहीं है. वो ये बताएं कि वह खुद कितने साफ सुथरे हैं.'
मायावती ने ये भी कहा कि बीजेपी की गाजीपुर में परिवर्तन रैली पूरी तरह से फ्लॉप रही. पीएम के भाषण को मायावती ने 'थोथा चना बाजे घना' करार दिया.मायावती ने मोदी के 500-1000 के नोट को बंद करने के फैसले को अपरिपक्व करार दिया और कहा कि इस फैसले का हश्र भी भूमि अधिग्रहण बिल की तरह हो सकता है.
मायावती नोटबंदी को लेकर भी हमलावर रहीं, उन्होंने कहा कि केंद्र ने जनता को खुले आसमान के नीचे खड़ा कर दिया. इस वजह से बीमार और बुजुर्ग लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं. देश की जनता भ्रष्टाचार से स्थाई मुक्ति चाहती है, लेकिन नोटबंदी कर बीजेपी ने भारत बंद का आयोजन किया है.
मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पीएम मोदी के भाषणों से अब लोगों का मोहभंग हो रहा है, लोगों को पता चल गया है कि पीएम मोदी केवल वादे करते हैं, वादे कभी पूरे नहीं करते, इसलिए गाजीपुर में जनता की मौजूदगी बहुत कम दिखाई दी. बीएसपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि रैली में अलग-अलग भीड़ दिखाई दी और बिहार से लोग बुलाए गए.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से अच्छे दिनों की उम्मीद करने वालों के बुरे दिन आ गए हैं. मायावती ने केंद्र सरकार पर रेल का राजनीतिकरण करने का आरोप भी लगाया है.