इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट की बुधवार को जुफर फारूकी की अध्यक्षता में एक ऑनलाइन बैठक हुई. बैठक में कैप्टन अफजल अहमद सहित सभी 10 ट्रस्टियों ने पहली बार भाग लिया. बैठक में ट्रस्ट के लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें ड्राइंग जमा करना और इसकी मंजूरी, आयकर अधिकारियों द्वारा 80 जी प्रमाण पत्र जारी न करना और तदनुसार एफसीआरए मानदंडों का पालन करना शामिल था. बैठक में कैप्टन अफजल साहब, जो अधिकारियों के साथ ड्राइंग की मंजूरी के लिए प्रयास कर रहे हैं, ने उपाध्यक्ष अयोध्या विकास प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों के साथ उनकी बैठकों के बारे में जानकारी दी.
कोरोना पर हुई चर्चा
बैठक में कोरोना महामारी की लहर में मानव जीवन के हो रहे नुकसान पर भी चिंता व्यक्त की गई जिसका सामना देश कर रहा है. अयोध्या जिले के लिए तत्काल प्रभाव से चौरिटी मॉडल पर पूरी तरह से सुसज्जित एम्बुलेंस सेवा, एम्बुलेंस के लिए सभी वित्तीय स्वीकृति का निर्णय लिया गया.
बैठक में इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने राम सनेही घाट, बाराबंकी में ब्रिटिश राज की मस्जिद के विध्वंस पर चिंता व्यक्त की, यह मस्जिद धन्नीपुर के काफी पास है और आसपास के लोगों को इस मुद्दे पर चिंता है.
उठा ढहाई गई मस्जिद का मुद्दा
यह भी बताया गया है कि महामारी के दौरान किसी भी विध्वंस के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश का उल्लंघन था. जोर देकर कहा गया कि अधिकारियों को समझना होगा कि ऐसे समय में ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए, न कि विनाश के लिए. अपील की गई कि बाराबंकी में मस्जिद का तुरंत पुनर्निर्माण किया जाए और स्थानीय आबादी के तमाम मुद्दों का समाधान किया जाए.
सभी धर्म के लोगों से खास अपील
जानकारी दी गई कि धन्नीपुर मस्जिद और अस्पताल परिसर के लिए भी कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा. राज्य और केंद्र सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे काम जल्दी शुरू करवाने के लिए सभी आवश्यक मंजूरी प्रदान करें. इस बात पर भी जोर दिया गया है कि समाज का सामूहिक प्रयास ही वर्तमान स्थिति से देश को उबार सकता है. सभी धर्मों के लोगों को इस खास प्रोजेक्ट से जोड़ने की अपील की गई है.