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Whatsapp ग्रुप बनाकर, कोविड में जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं ये बारहवीं के तीन दोस्त

इन तीनों दोस्तों के नाम हैं, अवनी सिंह, अनुज गर्ग ,और ऋष्य गुप्ता. तीनों छात्र इसी साल 11 वीं पास करके 12वीं में पहुंचे हैं और इन्होंने जो व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है उसमें भी 16 -17-18 साल के ही स्कूली छात्र हैं, यह ग्रुप उन लोगों की मदद करता है जो लोग कोरोनाकाल मे इलाज के लिए या किसी भी समस्या से परेशान हैं.

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कोविड सहायता केंद्र चला रहे हैं तीनों दोस्त
कोविड सहायता केंद्र चला रहे हैं तीनों दोस्त
स्टोरी हाइलाइट्स
  • Whatsapp ग्रुप में अलग-अलग जिलों के छात्र
  • मैसेज आने पर संबंधित जिले के छात्र करते हैं मदद
  • जयपुर, गुड़गांव, दिल्ली, नोएडा जगहों पर पहुंचाई मदद

कोरोनाकाल में जहां लोग परेशानियां झेल रहे हैं, मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है, किसी को ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल रहा है ,कोई अस्पताल में भर्ती नहीं हो पा रहा है, किसी को इंजेक्शन नहीं मिल रहा है, इस विषय को देखते हुए 3 स्कूली छात्रों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जो कि ऐसे लोगों की सहायता कर रहा है जो लोग परेशान हैं, जिनको हॉस्पिटल नहीं मिल रहा है, जिनको ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जिनको इंजेक्शन नहीं मिल रहा है ऐसे लोगों की मदद के लिए ये ग्रुप काम कर रहा है. ये ग्रुप तीन स्कूली छात्रों ने मिलकर बनाया है जिसका नाम है कोविड सहायता केंद्र.

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इन तीनों दोस्तों के नाम हैं, अवनी सिंह, अनुज गर्ग और ऋष्य गुप्ता. ऋष्य गुप्ता और अवनी सिंह दोनों मेरठ के रहने वाले हैं और अनुज गर्ग सहारनपुर के रहने वाले हैं. तीनों छात्र इसी साल 11 वीं पास करके 12वीं में पहुंचे हैं और इन्होंने जो व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है उसमें भी 16 -17-18 साल के ही स्कूली छात्र हैं, यह ग्रुप उन लोगों की मदद करता है जो लोग कोरोनाकाल मे इलाज के लिए या किसी भी समस्या से परेशान हैं.

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मेरठ की रहने वाली अवनी सिंह का कहना है कि इन्होंने दो ग्रुप बनाए हुए हैं, एक ग्रुप मेंबर्स का है और एक ग्रुप वॉलिंटियर्स का है, टोटल ग्रुप में ढाई सौ से ऊपर छात्र हैं जो कि अलग-अलग शहर के हैं और किसी भी शहर में किसी को भी कोई भी सहायता चाहिए होती है, वह इस ग्रुप में मैसेज डालते हैं और जो भी छात्र उस शहर का होता है वह वहां की जानकारी जुटाकर मदद मांगने वाले की सहायता करता है.

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ये लोग अब तक कई शहरों में मदद कर चुके हैं जैसे जयपुर, गुड़गांव, दिल्ली, नोएडा. दरअसल यह तीनों छात्र पहले से ही एक स्टूडेंट आर्गेनाईजेशन से जुड़े हुए थे और वहीं से ही लोगों की परेशानियों को देखते हुए इनके मन में ख्याल आया कि एक ग्रुप बनाया जाए, जो कोरोनाकाल में लोगों की मदद कर सके और उन्होंने यह ग्रुप तैयार किया, इनका कहना है कि यह ग्रुप लगातार अपने ग्रुप को बढ़ा रहे हैं और लोगों की मदद कर रहे हैं.

 

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