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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनावः बागपत में जयंत चौधरी को झटका, RLD उम्मीदवार ने छोड़ी पार्टी, BJP में शामिल

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरएलडी की उम्मीदवार रहीं ममता किशोर और उनके पति को बागपत के बीजेपी नेता डॉक्टर सत्यपाल सिंह ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई.

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ममता किशोर को आरएलडी ने बागपत से बनाया था जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार
ममता किशोर को आरएलडी ने बागपत से बनाया था जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जिला पंचात अध्यक्ष के लिए आरएलडी ने ममता किशोर को बनाया था उम्मीदवार
  • डॉक्टर सत्यपाल सिंह ने ममता और उनके पति को बीजेपी में कराया शामिल

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव से पहले नेताओं के दल-बदल का सिलसिला भी शुरू हो गया है. जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत होकर उभरी राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव से ऐन पहले तगड़ा झटका लगा है. पार्टी ने जिसे उम्मीदवार बनाया था वही पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गया.

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बागपत से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरएलडी ने ममता किशोर को प्रत्याशी बनाया था. आरएलडी प्रत्याशी ममता किशोर अपने पति जय किशोर के साथ आरएलडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गई हैं. ममता किशोर के आरएलडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो जाने के बाद अब बागपत में आरएलडी से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं बचा है.

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरएलडी की उम्मीदवार रहीं ममता किशोर और उनके पति को बागपत के बीजेपी नेता डॉक्टर सत्यपाल सिंह ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई. बागपत में हलचल के बीच बीजेपी ने कानपुर सिटी और कानपुर देहात से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने कानपुर सिटी से पूर्व मंत्री कमला रानी वरुण की बेटी स्वप्निल और कानपुर देहात से सांसद देवेंद्र सिंह भोले की बहू नीरज रानी सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट दिया है.

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गौरतलब है कि पिछले दिनों संपन्न हुए पंचायत चुनाव में सत्ताधारी बीजेपी को तगड़ा झटका लगा था. पार्टी के उम्मीदवारों को बड़ी तादाद में हार मिली थी. प्रदेश में समाजवादी पार्टी और पश्चिमी यूपी में आरएलडी मजबूत होकर उभरे थे. पंचायत चुनाव के बाद हाल ही में बीजेपी की मीटिंग हुई थी जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर मंथन किया गया था.

बीजेपी ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में 65 सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया था. बीजेपी की ओर से जिला पंचायत सदस्य चुनाव में 65 सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किए जाने के बाद से ही नेताओं के दबल-बदल की आशंका जताई जा रही थी.

 

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